Mon. Jan 27th, 2020

विधानसभा चुनाव: कांग्रेस की बड़ी रणनीति… विजयी विधायकों को रायपुर लाने सौंपी जिलाध्यक्षों को जिम्मेदारी… खरीद-फरोख्त रोकने उठाया गया है ये कदम…

बिलासपुर: प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेशभर के जिलाध्यक्षों को एक फरमान जारी किया है। उन्हें कहा गया है कि चुनाव जीतते ही उनके जिले के विधायकों को सीधे रायपुर लेकर आएं। इसमें किसी तरह का हीलाहवाला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दरअसल, कांग्रेस आलाकमान को लग रहा है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन रही है। ऐसे में विपक्षी पार्टी उनके विधायकों को लालच देकर अपने पाले में कर सकती है। इससे निपटने के लिए ही यह एहतियात बरता जा रहा है।

विधानसभा चुनाव की मतगणना 11 दिसंबर को होना है। यानी कि एक दिन बाद। बड़ी सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल के अनुसार छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बन रही है। एग्जिट पोल और प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ चली एंटी इनकंबेंसी की हवा के मद्देनजर कांग्रेसी नेता आश्वस्त हैं कि प्रदेश में इस बार वे सत्ता में वापसी कर जाएंगे, लेकिन उन्हें एक डर सता रहा है। वह यह कि कहीं सत्ता पाने के लिए भाजपा उनके विधायकों की खरीद-फरोख्त न कर ले। पीसीसी चेयरमैन भूपेश बघेल ने भी बिलासपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए दावा किया था कि भाजपा सरकार के लोग कांग्रेसी प्रत्याशियों और उनके रिश्तेदारों के मोबाइल को सर्विलेंस करके रखे हुए हैं। यह पता किया जा रहा है कि वे किससे मिल रहे हैं और क्या बातें कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेसी नेताओं को हिदायत दी थी कि वे सभी से समन्वय बनाकर चलें। इधर, प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रदेशभर के जिलाध्यक्षों को एक आदेश जारी हुआ है, जिसमें उन्हें मतगणना होते और सर्टिफिकेट मिलते तक मौके पर ही मौजूद रहना है। सर्टिफिकेट मिलते ही विजयी विधायकों को सीधे रायपुर लेकर रवाना होना है। आगे जो भी बातें होंगी, वो रायपुर में होगी।

जिलाध्यक्ष केशरवानी बोले- हां मिला है आदेश

कांग्रेस के जिला ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी का कहना है कि प्रदेश कार्यालय से उन्हें विजयी विधायकों को रायपुर ले जाने की जिम्मेदारी मिली है। मंगलवार को मतगणना के बाद जैसे ही सर्टिफिकेट जारी होगा, विजयी विधायकों को लेकर वे रायपुर रवाना हो जाएंगे।

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