बिलासपुर

बिलासपुर: आचार संहिता लागू होते ही नियमों का कड़़ाई से पालन करें अधिकारी- जिला निर्वाचन अधिकारी…

विधानसभा उपनिर्वाचन की सभी तैयारियां तय समयसीमा में पूर्ण करने दिए निर्देश...कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधिकारियों को निर्वाचन संबंधी दिया गया प्रशिक्षण...

बिलासपुर। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डोमन सिंह की अध्यक्षता में आज गौरेला पेंड्रा मरवाही के कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मरवाही विधानसभा उप निर्वाचन हेतु आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों एवं पुलिस अधिकारियों को निर्वाचन संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डोमन सिंह ने मरवाही विधानसभा उपनिर्वाचन की सभी तैयारियां तय समय में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने मरवाही विधानसभा उप निर्वाचन 2020 अन्तर्गत आचार संहिता लागू होने के साथ ही निर्वाचन आयोग के दिशा निर्देशों के तहत आदर्श आचरण संहिता का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सभी कर्मी निष्पक्ष रहें और निष्पक्ष भाव से निर्वाचन कार्य संपादित करें।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि विधानसभा उप निर्वाचन की घोषणा के साथ ही आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो जाएगी। निष्पक्ष निर्वाचन के लिए जिले में विभिन्न निगरानी टीमों का गठन किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देशित किया कि ये सभी टीम आदर्श आचरण संहिता लागू होते ही सक्रिय हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 24-मरवाही उप निर्वाचन की अधिसूचना जारी होने के पश्चात आदर्श आचार संहिता का पालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाये।

कलेक्टर ने पाम्पलेट/पोस्टर्स आदि के मुद्रण पर निर्बन्धन के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति कोई ऐसी निर्वाचन पुस्तिका या पोस्टर जिसके मुखपृष्ठ पर उसके मुद्रक और प्रकाशक के नाम और पते न हो, मुद्रित या प्रकाशित नहीं करेगा, न मुद्रित या प्रकाशित करायेगा।

पुलिस अधीक्षक सूरज परिहार ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने तथा उपनिर्वाचन में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अनिवार्य समझे गए लाइसेंसीकृत हथियार जमा करा लिए जाएंगे। मतदान प्रारंभ होने के 48 घंटे पूर्व विधानसभा क्षेत्र के बाहर से आये प्रचार-प्रसार करने वाले व्यक्तियों को विधानसभा क्षेत्र से बाहर करने की कार्यवाही की जायेगी। पुलिस विभाग के प्रतिवेदन के आधार पर जो व्यक्ति निर्वाचन प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर सकते है, ऐसे संदेहास्पद व्यक्तियों को जिला दण्डाधिकारी द्वारा जिला बदर करने की कार्यवाही की जायेगी।

प्रशिक्षण में बताया गया कि आचार संहिता उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों का दायित्व है। प्रशिक्षण में निर्वाचन अधिसूचना जारी होने पर जारी किए जाने वाले संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, दंड प्रक्रिया संहिता 1973 अंतर्गत धारा 144, शस्त्र लाइसेंस निलंबन आदि प्रतिबंधात्मक आदेशों के साथ ही पाम्पलेट पोस्टर आदि मुद्रण पर निर्बंधन आदेश, आदर्श आचार संहिता का पालन, होर्डिंग्स हटाने आदि के संबंध में भी विस्तार से सभी अधिकारियों को जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान वाहनों के उपयोग, विश्राम भवनों के उपयोग जैसे विषयों को लेकर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों की स्पष्ट तौर पर जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि निर्वाचन में संलग्न मतदान दल एवं सुरक्षा कर्मियों को मास्क, सेनिटाईजर, फेसशील्ड आदि प्रदाय किया जाएगा। मतदान केन्द्रो का सेनेटाईजेशन मतदान के एक दिन पूर्व कराना अनिवार्य होगा।मतदान केन्द्रो के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्केनर से स्क्रीनिंग करना होगा।

बैठक में अनुविभागीय दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी डिगेश पटेल सहित पुलिस विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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