बिलासपुर

बिलासपुर: जिला पंचायत सभापति ने खपराखोल के ग्रामीणों से की मुलाकात, गौरहा ने ग्रामीणों को दिया सहयोग का आश्वासन…

बिलासपुर। हाईकोर्ट के आदेश और निर्देश के बाद जिला प्रशासन के बैमा नगोई में अतिक्रमण अभियान चलाए जाने से खपराखोल वासियों में बेचैनी बढ़ गयी है। जिला प्रशासन ने भी स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी जमीन को हर हालत में अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। मामले मेें हाईकोर्ट का स्पष्ट निर्देश भी है। अतिक्रमण हटाए जाने के बाद कोर्ट को वस्तुस्थिति से अवगत भी कराया जाएगा। वहीं आज बैमा गांव के पंच,सरपंच जनपद सदस्य समेत जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा की मौजूदगी में बैठक हुई।  इस दौरान विस्थापन की व्यवस्था को लेकर चर्चा भी हुई।

बैमा में पंच सरपंच और जनपद सदस्य के साथ जिला पंचायत सभापति की मौजूदगी में बैठक हुई। पंच सरपंच ने अंकित गौरहा को बताया कि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। अब तक करीब 18 मकानों को तोड़ दिया गया है। हम लोग भी विस्थापित किए जाएँगे। लेकिन समस्या बड़ी है कि जाएँगे कहां।

बैठक में विचार विमर्श के बाद फैसला लिया गया कि हाईकोर्ट के निर्देशों का सिर झुकाकर पालन किया जाएगा। लेकिन हम लोग जिला प्रशासन और हाईकोर्ट के सामने जाएँगे। बरसात तक मकान नहीं तोड़े जाने को लेकर मोहलत मांगेंगे। बरसात खत्म होते ही जिला प्रशासन घर तोड सकता है। इस दौरान जिला प्रशासन से गुहार लगाएँगे की विस्थापितों को बैमा में ही कहीं जमीन का टुकड़ा दे। जहां घर बनाकर परिवार के साथ रहा जा सके।

करेंगे मोहलत की मांग–अंकित गौरहा..जिला पंचायत स्वास्थ्य विभाग सभापति

पंच सरपंच और जनपद समेत ग्रामीणों के साथ बैठक के बाद अंकित गौरहा ने बताया कि ग्रामीण मोहलत की मांग करेंगे। कलेक्टर से मुलाकात कर बरसात तक घर नहीं तोड़े जाने की गुहार लगाएंगे। ग्रामीणों के अनुसार जिला प्रशासन का अब तक पूरा सहयोग मिला है। लेकिन ग्रामीणों कहा कहना है कि कम से कम बरसात तक तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकी जाए। बरसात के बाद जिला प्रशासन के आदेश पर बताए जगह पर जाने को खुद ब खुद तैयार रहेंगे।

अंकित ने बताया कि सरपंच और पंचों ने फैसला किया है कि हाईकोर्ट में भी शपथ के साथ मोहलत की मांग करेंगे। साथ ही घर या घर बनाने के लिए जमीन के टुकड़े की भी फरियाद करेंगे। उम्मीद है कि इतनी मोहलत तो मिल ही जाएगी। क्योंकि ग्रामीण हटने के लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार हैं।

बनाया जाएगा माडर्न जेल

बताते चलें कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद खपराखोल बैमा गांव में सरकारी जमीन पर काबिज अतिक्रणकारियों को हटाया जा रहा है। करीब 70 परिवार को विस्थापित किया जाना है। अब तक 18 लोगों का घर तोड़ा जा चुका है। खाली पचास एकड़ जमीन पर माडर्न केन्द्रीय जेल बनाया जाएगा।

बैठक का आयोजन

बैठक में ग्रामीणों के अलावा जिला पंचायत सभापति अंकित गौरहा, सरपंच दीपक नायक, उप सरपंच संजय पाण्डेय, धनेन्द्र शास्त्री, सचिन धीवर, ओम प्रकाश शास्त्री, लक्ष्मी नारायण शास्त्री, शिव ध्रुव, तेज सिंह गौतम, अशोक शास्त्री मौजूद थे।

इस दौरान ग्राम पंचायत के पंच रवि शास्त्री, रामायण सूर्यवंशी, वीरेन्द्र ठाकुर, भोज कुमारी पटेल सुरेश यादव, सूर्य कुमार सूर्यवंशी, प्रमोद धुरी समेत अन्य लोग मौजूद थे।

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