बिलासपुर: कांग्रेसियों की चखना दुकानों पर आबकारी विभाग का कब्जा…अफसर कर रहे हैं किराए की वसूली…आकाओं के पास पहुंचने लगी शिकायतें…

बिलासपुर। नए आबकारी अधिकारी ने कांग्रेसियों के हाथों से चखना दुकान छीन ली है। उनके इशारे पर विभाग के अधिकारी अब चखना दुकान संचालकों से वसूली कर रहे हैं। इससे कांग्रेसी परेशान है। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है।

जिले में देसी-विदेशी मिलाकर 80 शराब दुकानें हैं। जब सरकार ने शराब दुकान के संचालन को अपने हाथों में लिया, तब आबकारी अधिनियम में कई संशोधन किए गए। इसमें एक संशोधन चखना दुकान को लेकर था। इसके मुताबिक न तो देसी शराब दुकान के पास चखना दुकान होगी और न ही विदेशी दुकानों के पास। किसी भी दुकान से 50 मीटर दूर कोई भी चखना दुकान चला सकता है। लंबे समय बाद जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई तो कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगा कि अब उनका समय भी आ गया। अपने आकाओं को मिलकर आनन-फानन में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने जिले की शराब दुकानों के पास की चखना दुकानें ले लीं। ये अलग बात है कि लाइसेंस किसी और के नाम से बनवाए गए हैं। इन दुकानों से रोज 15 सौ लेकर 5 हजार रुपए कांग्रेसी किराया ले रहे थे। कुछ दिन पहले आबकारी विभाग में बड़ा फेरबदल हुआ। जिले में पदस्थ आबकारी सहायक आयुक्त शर्मा की जगह मुंगेली के सहायक आयुक्त गोस्वामी की पदस्थापना हो गई। कार्यभार ग्रहण करने के कुछ दिनों के बाद उन्होंने सीधे चखना दुकान की तरफ ध्यान दिया। उन्होंने शराब दुकान के सामने चखना दुकान लगाने वालों से किराया वसूली के लिए विभाग के अफसरों को लगा दिया। दुकान संचालकों से कहा गया कि अब उन्हें किसी भी कांग्रेसी को किराया देने की जरूरत नहीं है। अब विभाग ही चखना दुकान संचालित कर रहा है। अफसरों के कहने पर ठेला संचालकों ने भी कांग्रेसियों को किराया देने से मना कर दिया। पूछताछ में अफसरों के आदेश का हवाला दिया गया। रोजाना की कमाई हाथ से छिन जाने से कांग्रेसी परेशान हैं। इस मामले में पक्ष जानने के लिए सहायक आयुक्त से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन घंटी जाने के बाद भी उन्होंने मोबाइल कॉल रिसीव नहीं किया।

सहायक आयुक्त ने मिलने से किया इनकार

चखना दुकान के किराए के मुद्दे को लेकर जिलेभर के कांग्रेसी शुक्रवार को सहायक आयुक्त कार्यालय गए थे। वहां उन्होंने सहायक आयुक्त गोस्वामी से मिलने की इच्छा जाहिर की, लेकिन अफसर ने उनसे मिलने से मना कर दिया। कांग्रेसियों का आरोप है कि अफसर उनका मोबाइल तक रिसीव नहीं करते।

आबकारी मंत्री का करीबी होने का दंभ

आबकारी विभाग में चर्चा है कि नए सहायक आयुक्त गोस्वामी आबकारी मंत्री कवासी लखमा का बेहद करीबी है। उन्होंने ही उन्हें बिलासपुर भेजा है। करीबी होने के कारण ही वे कांग्रेसी नेताओं की बात नहीं सुन रहे हैं।

सीएम और मंत्री से करेंगे शिकायत

अफसर के रवैए को देखकर कांग्रेसी अब पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विभागीय मंत्री लखमा से करने का मन बना रहे हैं। इसके लिए जिले से एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राजधानी रवाना होगा।

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