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15 साल से एक ही जगह पर जमे हुए हैं एसएमएम निलंजन नियोगी…कई अफसर आए और गए…पर इनकी कुर्सी हिली नहीं तक नहीं…जानिए कितना मलाईदार है यह पद…

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन बिलासपुर में एक अफसर ऐसे हैं, जो 15 सालों से एक ही जगह पर जमे हुए हैं। इस दौरान कई जीएम आए और गए, लेकिन इनकी कुर्सी हिली तक नहीं। बताया जा रहा है कि एसएमएम का पद इतना मलाईदार है कि बिना किसी अनुमति के 10 लाख रुपए तक की खरीदी कर सकते हैं। इसके बारे में उनसे कोई पूछताछ तक नहीं होती।

निलंजन नियोगी दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन बिलासपुर के हेड ऑफिस में सीनियर मटेरियल ऑफिसर (SMM) के पद पर पदस्थ हैं। बताया जाता है कि वे यहां करीब 15 साल से पदस्थ हैं। उनकी पहुंच ऐसी कि जब भी ट्रांसफर लिस्ट बनती है, उन्हें पता चल जाता है। फिर वे अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर तबादला सूची से नाम कटवा लेते हैं। 15 साल की पदस्थापना के दौरान उन्होंने करोड़ों रुपए की खरीदी है, वह भी बिना किसी बड़े अफसर की अनुमति के। दरअसल, SMM को रेलवे की ओर से बिना अनुमति के 10 लाख रुपए सीधे खरीदी करने का अधिकार है। इसके लिए यह भी पाबंदी नहीं है कि महीने में एक ही बार खरीदी की जाए। SMM चाहें तो अलग-अलग आर्डर देकर महीने में करोड़ों रुपए की खरीदी कर सकते हैं। 15 साल की पदस्थापना के दौरान जोन में कई जीएम और डीआरएम आए और गए, लेकिन निरंजन नियोगी की कुर्सी तक आंच भी नहीं आई। रेलवे जोन से जुड़े सूत्र बताते हैं कि रेलवे बोर्ड और जोन के उच्च अधिकारियों की सांठगांठ के बिना के एक ही जगह पर 15 साल तक जमे रहना संभव नहीं है। सूत्रों का तो यह भी कहना है कि मलाईदार पदों पर जमे रहने के लिए कोई अधिकारी-कर्मचारी अपने आकाओं को मोटी रकम चढ़ावा के रूप में देते हैं। इसके बदले में उच्च अधिकारी रेलवे बोर्ड को उनकी पदस्थापना तक ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों का तबादला नहीं करने की अनुशंसा भेज देते हैं। हो सकता है, निलंजन नियोगी भी यही पैंतरा अपना रहे हों।

टॉप के अफसरों जैसा मिला हुआ है बंगला

सीनियर मटेरियल ऑफिसर निलंजन नियोगी को रेलवे की ओर ऐसा बंगला मिला हुआ है, जो टॉप क्लॉस के अफसरों को बमुश्किल से मिलता है। उनका बंगला जीएम ऑफिस के सामने ही है।

पोस्टिंग और तबादले के लिए करोड़ रुपए से अधिक की लगती है बोली

रेलवे बोर्ड से जुड़े सूत्र बताते हैं कि सीनियर मटेरियल ऑफिसर (SMM) पद ऐसा है, जिसकी पोस्टिंग और मनचाहे स्थान पर तबादले के लिए करोड़ रुपए से अधिक की बोली लगती है। जो ज्यादा बोली लगा लेते हैं, वहां उसका तबादला या पोस्टिंग कर दिया जाता है। दूसरी ओर, तबादला रुकवाने वालों को पोस्टिंग चाहने वालों से ज्यादा बोली लगाना पड़ती है। हाल में रेलवे में बड़े अफसरों के तबादले हुए हैं। माना जा रहा था कि अब एसएसएम निलंजन नियोगी का तबादला हो जाएगा, लेकिन सूची में उनका नाम ही नहीं है। रेलवे जोन में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि नियोगी एक बार फिर अपना तबादला रुकवाने के लिए कामयाब हो गए हैं। उन्होंने तबादला रुकवाने के लिए क्या हथकंडा अपनाया, अब ये तो वो ही बता सकते हैं।

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