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छत्तीसगढ़: चार जनसूचना अधिकारी पर पच्चीस-पच्चीस हजार रूपए का अर्थ दण्ड…दो जनसूचना अधिकारी को अपीलार्थी को 300-300 रूपए क्षतिपूर्ति देने का आदेश..

रायपुर। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार एवं प्रशासन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जिम्मेदारी को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 प्रभावशील है। सरकार के क्रियाकलापों के संबंध में नागरिकों को जानकार बनाने के लिए यह अधिनियम मिल का पत्थर साबित हो रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के सूचना आयुक्त मोहन राव पवार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम का समय पर पालन नहीं करने के कारण चार जनसूचना अधिकारी पर पच्चीस-पच्चीस हजार रूपए का अर्थदंड अधिरोपित करते हुए दो जनसूचना अधिकारी को अपीलार्थी को 300-300 रूपए की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करने एवं वरिष्ठ अधिकारी को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने आदेश पारित किए हैं।

सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत शरद देवांगन, श्रीराम कालोनी बेलादुला रायगढ़ ने सचिव ग्राम पंचायत (जन सूचना अधिकारी) बोईरडीह और सचिव ग्राम पंचायत (जन सूचना अधिकारी) परसाडीह जनपद पंचायत जैजैपुर जिला जांजगीर-चाम्पा से एक अप्रैल वर्ष 2007 से 31 मई 2017 के मध्य संधारित समस्त चेक रजिस्टर एवं पासबुक की सत्यापित प्रतिलिपि की मांग किया था,जिन्हे समय सीमा पर जानकारी और दस्तावेज प्राप्त नहीं होने से अपीलार्थी ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जैजैपुर के कार्यालय में प्रथम अपील प्रस्तुत किया। प्रथम अपील में सुनवाई के पश्चात जनसूचना अधिकारी सचिवों ने सुनवाई का बहिष्कार कर दिया, जिससे प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश का पालन नहीं किया गया और न ही अपीलार्थी को जानकारी दिया गया।

अपीलार्थी ने जनसूचना अधिकारी के विरूद्व छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील प्रस्तुत किया। राज्य सूचना आयुक्त मोहन राव पवार ने आवेदनों का अवलोकन कर अधिनियम के तहत अपीलार्थी और जनसूचना अधिकारी को सुनने के पश्चात अपीलार्थी को समय सीमा में जानकारी नहीं प्रदाय करने एवं आयोग में कोई जबाब प्रस्तुत नहीं करने के साथ ही आयोग के पत्रों का कोई जवाब नहीं देने पर सचिव ग्राम पंचायत (जन सूचना अधिकारी) बोईरडीह और सचिव ग्राम पंचायत (जन सूचना अधिकारी) परसाडीह,जनपद पंचायत जैजैपुर जिला जांजगीर-चाम्पा को 25-25 हजार रूपए का अर्थदण्ड के साथ ही अपीलार्थी को 300-300 रूपए की क्षतिपूर्ति राशिका भुगतान, पत्र जारी होने के 30दिवस के भीतर करने का आदेश पारितकर वरिष्ठ अधिकारी को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने निर्देश दिये हैं।

इसी प्रकार अपीलार्थी शरद देवांगन,श्रीराम कालोनी बेलादुला रायगढ़ ने आयोग के अपील प्रक्ररण क्रमांक 2958/2016 के जनसूचना अधिकारी ग्राम पंचायत मंजूरपहरी और अपील प्रक्ररण क्रमांक 2963/2016 के जनसूचना अधिकारी सचिव ग्राम पंचायत सेंदरी विकासखण्ड बिल्हा के विरूद्व छत्तीसगढ राज्य सूचना आयोग में शिकायत प्रस्तुत किया। राज्य सूचना आयुक्त मोहन राव पवार ने इसे गंभीरता से लिया। राज्य सूचना आयुक्त ने अपने पारित आदेश में कहा कि सचिव ग्राम पंचायत सेंदरी मुकेश कुमार शुक्ला और सचिव ग्राम पंचायत मंजूरपहरी मिथलेश कुमार धीवर के द्वारा आयोग के अधिनियम की धारा 7(2) और धारा 7 (3)का पालन नहीं करने एवं आयोग के पत्रों का जवाब नहीं देने के कारण एवं आयोग के अपील प्रकरण क्रमांक 2863/ 2016 के पारित आदेश का विलंब से पालन करने के दोषी मानते हुए जनसूचना अधिकारी एवं सचिव ग्राम पंचायत सेंदरी और आयोग के अपील प्रकरण क्रमांक 2959/ 2016 के पारित आदेश का विलंब से पालन करने का दोषी मानते हुए जनसूचना अधिकारी एवं सचिव ग्राम पंचायत मंजूरपहरी के सचिव को 25-25 हजार रूपए का अर्थदण्ड का आदेश पारितकर वरिष्ठ अधिकारी को अनुशासनात्मक कार्रवाई करने निर्देश दिये हैं।

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