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छत्तीसगढ़: टीकाकरण कार्यक्रम में दो नए टीके शामिल : नियमित टीकों के साथ ही अब रोटा वायरस वैक्सीन और टीडी वैक्सीन भी लगाए जाएंगे…जानें इसके फायदे…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में दो नए टीकों को शामिल किया जा रहा है। नियमित टीकों के साथ ही अब बच्चों को डायरिया से बचाने रोटा वायरस वैक्सीन पिलाया जाएगा। बच्चों को टिटनेस और डिप्थिरिया (गलघोटू) से बचाने नया टीका टीडी वैक्सीन भी टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। इन दोनों टीकों को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किए जाने के बाद अब बच्चों को 11 जानलेवा बीमारियों से बचाया जा सकेगा।

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव 8 जुलाई को रायपुर मेडिकल कॉलेज से इन दोनों नए टीकों के इस्तेमाल का राज्य स्तरीय शुभारंभ करेंगे। सभी जिलों में 9 जुलाई से नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों और गर्भवती महिलाओं को ये टीके लगना शुरू हो जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रोटा वायरस टीका बच्चों को डायरिया से बचाता है। ओरल ड्रॉप के रूप में इसकी तीन खुराक बच्चों को डेढ़ माह, ढाई माह और साढ़े तीन माह की अवस्था में दी जाती है। टिटनेस और डिप्थिरिया से बचाव के लिए गर्भवती महिलाओं और बच्चों को टीडी वैक्सीन लगाया जाता है। बच्चों को पहली बार यह टीका 10 वर्ष की उम्र में और दूसरी बार 15 वर्ष की उम्र में लगाया जाता है। पहली बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं को गर्भावस्था की पहली तिमाही में इसे एक माह के अंतराल में दो बार लगाया जाता है। वहीं तीन साल के भीतर दूसरी बार गर्भवती महिलाओं को टीडी वैक्सीन पहली तिमाही में ही एक बार लगाया जाता है।

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