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केंद्र सरकार की अपील के बावजूद श्रमिक ट्रेन को मंजूरी नहीं दे रहे कई राज्य; बंगाल, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़ पीछे…

फंसे श्रमिकों को घर लाने के लिए केंद्र द्वारा राज्य सरकारों से कई अपील करने के बावजूद पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और राजस्थान सहित कई राज्य देश के दूसरे हिस्से से ऐसी रेलगाड़ियों को आने की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं। रेलवे ने एक मई से अभी तक 1414 श्रमिक विशेष रेलगाड़ियां चलाई हैं जिनमें से 641 उत्तर प्रदेश और 310 बिहार के लिए चलीं।

दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने 105 रेलगाड़ियों के लिए मंजूरी दी है, लेकिन देश के अलग-अलग हिस्से से केवल 19 रेलगाड़ियां राज्य में आई हैं। नौ रेलगाड़ियां गंतव्य तक पहुंच चुकी हैं, सात रेलगाड़ियां रास्ते में हैं और तीन और रेलगाड़ियों को राज्य सरकार ने मंजूरी दी है।

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आंकड़े दिखाते हैं कि राजस्थान में 25 रेलगाड़ियां आई हैं, छह रास्ते में हैं और दो और रेलगाड़ियों को मंजूरी दी गई है। छत्तीसगढ़ में 14 रेलगाड़ियां आई हैं, दो रास्ते में हैं और तीन और रेलगाड़ियां चलाने की योजना है। झारखंड उन राज्यों में शामिल है जिसने प्रवासियों को वापस लाने के लिए तुरंत मंजूरी दी लेकिन अब रेलगाड़ियां चलाने की मंजूरी देने में पीछे रह गया। राज्य में 56 ट्रेनें आईं, आठ रास्ते में हैं और आठ ट्रेन चलाने की योजना है।

अधिकारियों ने बताया कि ओडिशा में अभी तक 58 ट्रेनें आई हैं और चक्रवात को देखते हुए संभवत: कोई मंजूरी लंबित नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे प्रति दिन करीब 300 ट्रेनें चलाने की क्षमता रखता है लेकिन इससे आधी संख्या में ट्रेनें चल रही हैं क्योंकि राज्य सरकारें पर्याप्त संख्या में मंजूरी नहीं दे रही हैं।

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