बिलासपुर: सांसद अरूण साव ने रेल मंत्रालय के अनुदान चर्चा में भाग लेकर क्षेत्र की समस्याओं से कराया अवगत, रेल मंत्रालय में रखी अनेक मांगें…

बिलासपुर। लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरूण साव ने आज लोकसभा सदन में रेल मंत्रालय के अनुदान मांगों की चर्चा में भाग लिया और लोकसभा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से रखा।

आम बजट पेश होने के बाद संसद में रेल मंत्रालय के अनुदान मांगो पर चर्चा हुई, जिसमें स्थानीय सांसद साव ने भी भाग लिया और क्षेत्र की समस्याओं अवगत कराते हुए संसद में रखा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर रेल्वे जोन देश का सबसे अधिक राजस्व देने वाला जोन है, परन्तु यह जोन हमेशा से उपेक्षित रहा है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को उसका अपेक्षित लाभ नही मिल पाया है बिलासपुर में रेल्वे भर्ती मंडल तो खुल गया है परन्तु काम की गति अत्यंत धीमी होने से इसका लाभ स्थानीय बेरोजगारों को समुचित रूप से नही मिल पा रहा है। साव ने आगे कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने मुंगेली, कवर्धा को अब तक रेल लाईन की सुविधाओं से वंचित रखा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने कटघोरा, मुंगेली, कवर्धा, डोंगरगढ़ रेल्वे लाईन को मजूरी दी है लेकिन काम की गति धीमी है उसे तेजी से आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

उन्होंने चर्चा में आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में अभी तक रेल्वे ट्रिब्यूनल की स्थापना नही हुई है लोगों को अभी भी भोपाल जाना पड़ता है अतः बिलासपुर में शीघ्र रेल्वे ट्रिब्यूनल की स्थापना की जाए। बिलासपुर बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है और छत्तीसगढ़ का दुसरा सबसे बड़ा शहर है और रायपुर छत्तीसगढ़ की राजधानी है और दोनों शहरों के स्टेशन को वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने की मांग रखी। स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए बिलासपुर में वैगन कोच फैक्ट्री स्थापित करने की मांग की। पूर्व में रेल मंत्रालय द्वारा बिलासपुर में मेडिकल कॉलेज स्थापना करने की बात कही गई थी लेकिन उस दिशा में अभी तक कोई कार्य प्रारंभ नही हुआ है साव ने मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग रखी। वर्तमान में रेल्वे हास्पिटल अनेक सुविधाओं से वंचित है वहॉ की सुविधाए बढ़ाए जाने की बात कही। बिलासपुर में हॉकी की इंटरनेशल स्टेडियम के लिए राशि स्वीकृति हुई थी लेकिन उसे वह राशि वापस ले ली गई है, उसे पुनः दी जाए तथा स्टेडियम का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाए। साव ने कहा कि उसलापुर रेल्वे स्टेशन में कई गाड़ियों का परिचालन होता है लेकिन यात्री सुविधाओं का आभाव है, इसी प्रकार करगीरोड, कोटा, बेलगहना, पेण्ड्रारोड, जयरामनगर स्टेशन में भी यात्री सुविधाओं का आभाव है इस दिशा में ध्यान देने की आवश्यकता है इन स्टेशनों में अनेक रेल गाड़ियों के स्टापेज की मांग रखी।

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