आस्था

अजब-गजब: यहां पेड़ की होती है वीआईपी सुरक्षा, 24 घंटे रहते है गार्ड तैनात, अब तक हो चुके हैं लाखों खर्च…

दुनिया में कई अजब-गजब चीजें होती है। कई ऐसी भी चीजें होती है, जिन पर हमें विश्वास ही नहीं होता है। आज हम आपको ऐसी ही एक अजब-गजब बात बताने जा रहे हैं, जो मध्य प्रदेश में एक पेड़ की है। इस पेड़ की सुरक्षा में 24 घंटे सिक्योरिटी गार्ड तैनात रहते हैं। किसी वीआईपी व्यक्ति की तरह ही इसकी सुरक्षा की जाती है। इसका पत्ता भी टूटकर गिरता है तो प्रशासन को टेंशन हो जाती है। खास बात यह भी है कि इस पेड़ का किसी वीआईपी इंसान की तरह मेडिकल चेकअप भी किया जाता है।

यह पेड़ इसलिए भी खास है, क्योंकि यह बोधी वृक्ष। श्रीलंका के राष्ट्रपति ने यहां आकर स्वयं अपने हाथों से इसे लगाया था। बताया जाता है कि बौद्ध धर्मगुरु मानते हैं कि भगवान बुध्द ने बोधगया में इसी पेड़ के नीचे ही ज्ञान प्राप्त किया था। वहीं भारत से सम्राट अशोक भी इसी पेड़ की शाखा को श्रीलंका लेकर गए थे। सांची स्तूप के पास की एक पहाड़ी पर एक वीरान स्थान पर इस पेड़ को लगाया गया है। जब यह पेड़ बड़ा हो जाएगा तो कई किलोमीटर दूर से ही इसके दर्शन किए जा सकेंगे। इस पेड़ के स्वास्थ्य का भी ध्यान किसी इंसान की तरह ही रखा जाता है। बकायदा 15 दिनों में एक बार सरकार जांच करवाती है। जरूरी खाद और पानी की व्यवस्था भी की जाती है।

विज्ञापन हेतु संपर्क करें….

24 घंटे रहती है सुरक्षा
सरकार की भी कोशिश रहती है कि पेड़ का एक पत्ता भी टूटने नहीं पाए, इसलिए 24 घंटे सुरक्षा की जाती है। इस पेड़ को चारों तरफ फैंसिंग के माध्यम से सुरक्षित रखा गया है। सामान्य तौर पर लोग इसे पीपल का पेड़ मानते हैं, लेकन इसकी कड़ी सुरक्षा को देख उनके दिमाग में यह प्रश्र जरूर उठता है कि इस पेड़ में इतना खास क्या है। 15 फीट ऊँची जालियों से घिरा और आस-पास खड़े पुलिस के जवानों को देख यह पेड़ किसी वीवीआईपी की तरह ही लगता है। इसकी इतनी सुरक्षा और उसके स्वास्थ्य का ख्याल जब सरकार रखती है तो लोग इसे वीवीआईपी पेड़ कहने लगे हैं। तमाम तरह की सुरक्षा लिए यह अतिविशिष्ट पेड़ मध्यप्रदेश की राजधानी के पास स्थित साँची की पहाड़ी पर स्थित है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक भी देखने आते हैं।

कई विभाग मिलकर करते हैं काम
बता दें कि सरकार ने इसके लिए खास व्यवस्था भी कर रखी है। इसकी देख-रेख उद्यानिकी विभाग, राजस्व, पुलिस और सांची नगरपरिषद मिलकर करते हैं। ये सभी विभाग इस बोधि वृक्ष का ध्यान रखने के लिए हमेशा अलर्ट मोड में रहते हैं।

2012 में रोपा गया था पौधा
21 सितंबर, 2012 को श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महिंद्र राजपक्षे ने इसे लगाया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ उन्होंने पहाड़ी बोधि वृक्ष (पौधा) रोपा था। बता दें कि भगवान गौतम बुद्ध ने पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर बौधित्व को प्राप्त किया था. बौद्ध धर्म में इसे बोधि वृक्ष कहा जाता है। बौद्ध अनुयाईयों के लिए यह पेड़ श्रद्धा और आस्था का केंद्र है। बोद्ध यूनिवर्सिटी की पहाड़ी पर यह स्थित है। शुरुआत से लेकर अब तक इस वृक्ष पर लाखों रुपए खर्च हो चुके हैं। इसका एक पत्ता भी सूख जाता है तो प्रशासन में हलचल मच जाती है।

अजब-गजब: अजीब है ये रेलवे स्टेशन ! टिकट कटती है महाराष्ट्र से और ट्रेन पकड़ना पड़ती है गुजरात से…

Related Articles

Back to top button
Close
Close