स्वास्थ्य

Corona Vaccine: किस उम्र से ज्यादा वालों को एक मार्च से लगेगी वैक्सीन? प्राइवेट अस्पताल में कितनी होगी कीमत? जानें हर सवाल के जवाब…

केंद्र सरकार ने हाल ही में कोरोना वैक्सीनेशन के दूसरे फेज की घोषणा की है, जिसके तहत एक मार्च से 60 साल से अधिक उम्र वालों को टीका लगाया जाएगा। इसके अलावा, 45 साल वाले वे लोग, जिन्हें को-मॉर्बोडिटीज है, वे भी वैक्सीन लगवा सकेंगे। 16 जनवरी से शुरू हुए देश में कोरोना वैक्सीनेशन में अभी तक सिर्फ हेल्थ केयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स ही शामिल थे। अब जब एक मार्च से टीकाकरण का नया अभियान शुरू हो रहा है, तो लोग प्राइवेट और सरकारी, दोनों अस्पतालों से वैक्सीन लगवा सकेंगे। सरकार ने बताया है कि प्राइवेट में लोगों को कुछ रुपये खर्च करने होंगे, जबकि सरकारी में यह सुविधा पूरी तरह से मुफ्त होगी। सरकार के इस ऐलान के बाद लोगों में टीकाकरण के नए फेज को लेकर कई सवाल हैं, जिसका जवाब वे जानना चाहते हैं। ये प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन की कीमत, कौन-कौन शख्स वैक्सीन लगवा सकेगा आदि हैं। हम यहां आपको इसी से जुड़े कुछ अहम सवाल-जवाब बता रहे हैं। पढ़िए…

एक मार्च से कौन-कौन लगवा सकेगा वैक्सीन?

कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र 60 साल से अधिक हो। इसके अलावा, 45 साल से ज्यादा उम्र वाला शख्स, जिसे ऐसी बीमारी हो जिससे कोरोना और अधिक गंभीर हो जाए। ये लोग एक मार्च से कोरोना वैक्सीन लगवा सकेंगे।

को-मॉर्बिडिटीज बीमारी क्या होती हैं?

केंद्र सरकार को अभी यह लिस्ट जारी करनी है कि को-मॉर्बिडिटीज में कौन-कौन सी बीमारी आएगी, जिससे पीड़ित लोग वैक्सीन लगवा सकेंगे। लेकिन, इस मामले से वाकिफ जानकारों का कहना है कि डायबिटीज, हाइपरटेंशन, कैंसर, दिल की बीमारी, लंग, लिवर या फिर किडनी डिस-ऑर्डर्स आदि बीमारियों को लिस्ट में शामिल किया जा सकता है।

सामने वाले को को-मॉर्बिडिटीज है, यह कैसे तय होगा?
अगर किसी की उम्र 45 साल से अधिक है और उसे को-मॉर्बिडिटीज है तो उसे वैक्सीन लगवाने जाने के समय एक सर्टिफिकेट दिखाना होगा। इस सर्टिफिकेट को वह शख्स रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर से अटेस्ट करवा सकेगा।

टीकाकरण के दूसरे फेज में कैसे होगा वेरिफिकेशन?
जो लोग कोरोना टीकाकरण करवाने जाएंगे, वे सरकारी पहचान पत्र दिखा सकते हैं। ये आईडी कार्ड-आधार नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस, हेल्थ केयर इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, सांसद/विधायकों को दिए गए आईडी कार्ड, पैन कार्ड, बैंक/पोस्ट ऑफिस की पासबुक, पेंशन डॉक्युमेंट, सरकारी आईडी कार्ड आदि हैं।

सरकारी अस्पताल में कितने रुपये में लगेगा टीका?
सरकार ने साफ किया है कि सरकारी अस्पतालों में फ्री में कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए, लोगों को कोई राशि नहीं देनी होगी।

प्राइवेट अस्पताल में कितना देना होगा पैसा?

सरकार ने बताया है कि प्राइवेट में फ्री में वैक्सीनेशन नहीं होगा। इसके लिए लोगों को रुपये खर्च करने पड़ेंगे। हालांकि, अभी तक सभी राज्यों ने राशि का ऐलान नहीं किया है, लेकिन गुजरात में कोरोना वैक्सीन प्राइवेट अस्पताल में 250 रुपये में लगेगी।

प्राइवेट अस्पतालों के लिए कितनी राशि तय कर सकती है सरकार?

सहयोगी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स ने मामले से जानकारी रखने वालों के हवाले से बताया कि एक डोज की अधिकतम कीमत 400 रुपये प्राइवेट अस्पताल के लिए तय की जा सकती है। वहीं, गुजरात के प्राइवेट अस्पताल में 250 रुपये कीमत तय कर दी गई है।

क्या सिर्फ को-विन ऐप पर ही करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन?
कोरोना टीकाकरण के लिए को-विन ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराया जाता है। लेकिन माना जा रहा है कि सरकार दूसरे फेज में हिस्सा लेने वालों की संख्या के कारण कई अन्य विकल्पों को भी दे सकती है।

क्या चुन सकेंगे मनपसंद वैक्सीन?

सरकार की ओर से इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। ड्रग रेग्युलेटर ने देश के लिए दो वैक्सीन्स को हरी झंडी दी हुई है। एक ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड, जिसे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने बनाया है और दूसरी भारत बायोटेक की कोवैक्सीन है। यह एक देसी कोरोना वैक्सीन है। हेल्थ केयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स, जिन्हें अब तक कोरोना टीका दिया गया है, उनके पास दोनों वैक्सीन में से एक चुनने का विकल्प नहीं था।

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