स्वास्थ्य

COVID19: घर से काम के लिए कंपनियां दे रहीं हैं कोरोना भत्ता, इंटरनेट, फर्नीचर के लिए किया पेमेंट

कोरोना संकट को देखते हुए घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) को ज्यादातर कंपनियां सामान्य मानकर चल रही हैं और इसी के अनुसार वह...

कोरोना संकट को देखते हुए घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) को ज्यादातर कंपनियां सामान्य मानकर चल रही हैं और इसी के अनुसार वह कर्मचारियों के लिए रणनीति में भी बदलाव कर रही हैं। इसके तहत कंपनियों ने अलग भत्ता देना शुरू कर दिया है जिसमें कर्मचारियों को काम के लिए जरूरी फर्नीचर, इंटरनेट और अन्य जरूरी उत्पादों के लिए खर्च शामिल है। कुछ माह पहले दुनिया की दिग्गज कंपनी गूगल ने इसकी शुरुआत करते हुए कर्मचारियों को 75 हजार रुपये (एक हजार डॉलर) फर्नीचर के लिए दिया था। अब भारत में भी कई कंपनियां इस तरह की सुविधा अपने कर्मचारियों को देने लगी हैं।

कंपनियों का कहना है कि कोरोना संकट के दौर में कर्मचारियों का हौसला बनाए रखने के लिए यह एक बेहतरीन पहल हो सकती है। इससे उन्हें अपनी जेब से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ रही है।

सुविधा में स्टार्टअप आगे

एचआर टेक फर्म स्पिंगवर्क्स ने घर के काम के लिए कर्मचारियों को एकमुश्त 25 हजार रुपये फर्नीचर के लिए भुगतान किया है। इसके अलावा कंपनी ने तीन हजार रुपये हेडफोन के लिए भुगतान किया है। साथ ही 1,500 रुपये हर माह इंटरनेट के लिए भुगतान कर रही है। क्लाउड सर्विस प्रदाता जी7 सीआर कर्मचारियों को घर पर फर्नीचर भेजवा रही है। इसके लिए कंपनी ने 18 हजार रुपये का भुगतान एकमुश्त किया है।

केंद्र की मोदी सरकार आधे से ज्‍यादा सरकारी बैंकों का निजीकरण करने की बना रही हैं योजना, ये बैंक जल्द हो सकते हैं प्राइवेट…

एसी और यूपीएस के लिए भत्ता

कोरोना के दौर में घर से काम कर रहे कर्मचारियों के लिए कंपनी केवल एक बार ही भुगतान नहीं कर रहीं बल्कि वह हर तरह की सुविधा का ध्यान रख रही हैं। एप भुगतान कंपनी रेजर पे कर्मचारियों को एसी के लिए भी हर माह अलग से भत्ता दे रही है। कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि घर के काम करने की स्थिति में किसी तरह की कटौती नहीं की जानी चाहिए और काम से जुड़ी जरूरत पर तुरंत भुगतान होना चाहिए।

बिजली कटौती का भी ध्यान

घर से काम करने की स्थिति में कंपनियां बिजली कटौती का भी ध्यान रख रही हैं। इसके लिए वह कर्मचारियों को इनवर्टर और यूपीएस के लिए भुगतान कर रही हैं। इसके साथ ही यदि वाईफाई अपग्रेड करवाने की जरूरत है तो उसके लिए भी वह कर्मचारियों को भुगतान कर रही हैं।

किराये पर फर्नीचर की पेशकश

शिक्षा क्षेत्र की स्टार्टअप ग्रेट लर्निंग जून से ही कर्मचारियों को एक हजार रुपये इंटरनेट और यूपीएस के लिए भुगतान कर रही है। इसके अलावा वह फनीर्चर कंपनियों के साथ करार करके कर्मचारियों के घर पर किराये पर जरूरी फर्नीचर भेजवा रही है। सबका भुगतान कंपनी कर रही है।

मिल रहे हैं ये भत्ते

25 हजार रुपये तक भुगतान फर्नीचर और अन्य समान के लिए

1500 रुपये का हर माह भुगतान इंटरनेट के लिए

75 हजार रुपये दे चुकी है गूगल फर्नीचर के लिए।

Related Articles

Back to top button
Close
Close
Open chat