स्वास्थ्य

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद सीरो-सर्वे में हैरान करने वाले नतीजे, मई तक 64 लाख लोग आए थे कोरोना वाइरस की चपेट में…

कोरोना वायरस का कहर पूरे देश में जारी है। अब भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने देशभर में किए गए सीरो-सर्वे के परिणाम जारी कर दिए हैं। जिसमें हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं। सर्वे के अनुसार, कोरोना वायरस देश के ग्रामीण इलाकों तक पहुंच गया है। जहां संक्रमण की दर 69.4 फीसदी पाई गई है। यानी ग्रामीण भारत में रहने वाले 44.4 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं। वहीं संक्रमण की दर शहरी झुग्गियों में 15.9 फीसदी और शहरी गैर-मलिन बस्तियों में 14.6 फीसदी दर्ज की गई है।

आईसीएमआर के मुताबिक सीरो पॉजिटिविटी दर सबसे अधिक 18-45 आयु वर्ग में 43.3 फीसदी रही है। ये दर 46-60 आयु वर्ग में 39.5 फीसदी और 60 साल से अधिक आयु वर्ग में सबसे कम 17.2 फीसदी रही है। इस सर्वे में हैरान करने वाली बात ये भी सामने आई है कि सीरो पॉजिटिविटी दर उन जिलों में भी पाई गई है, जहां संक्रमण के एक भी केस दर्ज नहीं किए गए। जिससे कम टेस्टिंग और लैब तक मुश्किल पहुंच जैसी वजह सामने आती हैं। आपको बता दें पहले दौर के इस सीरो-सर्वे में देश के 21 राज्यों के 70 जिलों के 700 गावों और वार्डों को शामिल किया गया था। ये सर्वे 11 मई से लेकर 4 जून तक हुआ है। इसमें 181 शहरी इलाके भी शामिल थे।

ग्रामीण इलाकों से मामले इसलिए भी सामने आए हैं क्योंकि लॉकडाउन के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने शहरों से गावों की ओर पलायन किया था। जो जिले सर्वे में शामिल किए गए उन्हें चार भागों में बांटा गया था। इनमें 15 जिले ऐसे हैं, जहां से कोई केस नहीं मिला। 22 जिलों में काफी कम केस मिले। 16 जिलों में संक्रमण की दर मध्यम रही और 17 जिले ऐसे हैं, जिनमें संक्रमण की दर अधिक है। रिपोर्ट से पता चला है कि टेस्टिंग सुविधा के मामलों में जिलों में अंतर रहा है। जिसके चलते संक्रमण से मरने वालों की संख्या में भी असंमजस है। इस रिपोर्ट को इंडियन जरनल फॉर मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित किया गया है। सर्वे में हैरान करने वाली बात जो सामने आई है, वो ये है कि देश के 0.73 फीसदी व्यस्क संक्रमण के संपर्क में थे। वहीं मई 2020 की शुरुआत में 64 लाख लोग वायरस की चपेट में आ चुके थे।

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