स्वास्थ्य

देश में कम हो रहा कोरोना वाइरस का कहर, मगर इन चार राज्यों ने अब भी उड़ा रखी है भारत की नींद…

कोरोना वायरस के चलते दुनिया त्राहि- त्राहि कर रही है। लेकिन भारत की बात करें तो यहां राहत मिलती दिख रही है। लेकिन भारत में कोरोना वायरस रोग (कोविड -19) के दैनिक मामलों में गिरावट जारी होने के बावजूद केरल, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों के तेज आंकड़ों से राष्ट्रीय आंकड़ा बढ़ रहा है। एचटी द्वारा विश्लेषण किए गए आंकड़ों से पता चलता है। प्रकोप की तीव्रता का विश्लेषण करने और उन क्षेत्रों की पहचान करने के लिए जहां अभी भी संक्रमण बढ़ रहा है। एचटी ने तीन कारकों को ध्यान में रखते हुए भारत के 20 सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्रों से डेटा का विश्लेषण किया- एक बढ़ती सकारात्मकता दर, दैनिक मामलों की एक उच्च विकास दर, और कम परीक्षण प्रति मिलियन।

त्यौहारी सीजन शुरू होने और सर्दियों के करीब आने के साथ, यह पूरे देश में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगा। संक्रमण दर को फिर से बढ़ने से रोकने के लिए संक्रमण दर की निगरानी करनी होगी।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि भारत कोरोना के मामले में एक अभूतपूर्व शिखर पर है। 1.5 महीने में पहली बार 8 लाख के मार्क के नीचे सक्रिय मामले गिरे हैं।शुक्रवार के आंकड़ों की बात करें तो भारत में पिछले 24 घंटों में 63,371 नए कोविड-19 मामलों और 895 मौतों की एक रिपोर्ट दर्ज हुई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की जानकारी के अनुसार कुल 73,70,469 मामलों में से 8,04,528 सक्रिय, 64,53,780 ठीक हो चुके और अब तक कुल 1,12,161 लोगों की मौत हो चुकी है।

हालांकि, पूरे कोरोना वायरस को लेकर अब लगातार राहत की खबर मिल रही है। वैश्विक महामारी कोविड-19 से प्रभावित दुनियाभर के देशों में कोरोना वायरस से अमेरिका के बाद भारत दूसरा सर्वाधिक प्रभावित देश है मगर सुकून की बात है कि यह प्रति दस लाख की आबादी पर कोरोना संक्रमण की चपेट में आने और इससे जान गंवाने वालों के औसत मामलों में प्रमुख राष्ट्रों से काफी पीछे है। यानी भारत में मिलने वाले कोरोना के नए मामलों और मौतों की रफ्तार अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है। इतना ही नहीं, रिकवरी रेट के मामले में भारत दुनियाभर में सबसे आगे है।

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