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बड़ी ख़बर: रजनीगंधा, पान पराग, विमल, समेत 11 पान मसालों में मिला मैग्नीशियम कार्बोनेट, इस राज्य की सरकार ने बिक्री पर लगाई रोक

झारखंड। रजनीगंधा, राजनिवास, पान पराग, विमल समेत 11 ब्रांड के पान मसालों की उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर एक साल के लिए बैन लगा दिया गया है. झारखंड सरकार ने पान मसालों के विभिन्न ब्रांडों की जांच में मैग्नीशियम कार्बोनेट पाए जाने के बाद यह फैसला लिया है.

पान मसाला के 11 ब्रांड में मिला मैग्नीशियम कार्बोनेट

पिछले दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में दिए गए निर्देश के बाद शुक्रवार को राज्य के स्वास्थ्य सचिव सह राज्य खाद्य संरक्षा आयुक्त डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ने राज्य के 11 ब्रांडों के पान मसाला (रजनीगंधा, विमल, शिखर, पान पराग, दिलरुबा, राजनिवास, सोहरत, मुसाफिर, मधु, बहार, पान पराग प्रीमियम, पर प्रतिबंध लगा दिया है. यह प्रतिबंध विभिन्न जिलों से प्राप्त 41 पान मसाला के नमूनों के जांच में मैग्नीशियम कार्बोनेट की मात्रा पाए जाने के कारण लगाई गई है.

मैग्निशियम कार्बोनेट से हृदय की बीमारी सहित विभिन्न प्रकार की बीमारियां होती हैं. पान मसाला के लिए फूड सेफ्टी एक्ट 2006 में दिए गए मानक के मुताबिक भी मैग्नीशियम कार्बोनेट मिलाया जाना प्रतिबंधित है. इसलिए जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह प्रतिबंध फिलहाल एक साल के लिए लगाया गया है.

राज्य में 38.9 प्रतिशत लोग करते हैं तंबाकू का सेवन

झारखंड में तंबाकू नियंत्रण हेतु राज्य सरकार की तकनीकी सहयोग संस्थान सोशियो इकोनॉमिक एंड एजुकेशनल डेवलोपमेन्ट सोसाइटी (सीड्स) के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्र ने बताया कि पान मसाला पर प्रतिबंध लगाकर राज्य सरकार ने एक साहसिक कदम उठाया है. मिश्रा ने बताया कि GATS 2 के सर्वे में झारखंड में तंबाकू सेवन करने वाले लोगों का प्रतिशत 38.9% है, जिसमें चबानेवाले तंबाकू सेवन करने वालों का प्रतिशत 34.5% है, जो राष्ट्रीय औसत से बहुत अधिक है. सरकार द्वारा यदि पान मसाला के प्रतिबंध को राज्य में सही ढंग से लागू किया जाएगा तो सूबे में तंबाकू सेवन करने वालों के प्रतिशत में और कमी आएगी.

क्या कहते हैं स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव

राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी ने कहा कि 11 ब्रांडेड पान मसालों में मैग्नीशियम कार्बोनेट पाया गया था, जिससे कैंसर का खतरा होता है और फ़ूड सेफ्टी एक्ट के तहत पान मसाला में यह नहींं होना चाहिए, इसलिए इस पर प्रतिबंध लगाया गया है. अगर कोई और भी ब्रांड या नाम बदल कर पाम मसाला बेचने की कोशिश होगी तो उसकी जांच करायी जाएगी.

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