Fri. Jan 17th, 2020

चर्चित आईएएस अधिकारी बी.चन्द्रकला के घर और नोएडा-दिल्ली सहित 12 जगहों पर सीबीआई का ताबड़तोड़ छापा…

करोड़ों के खनन घोटाले के मामले में शनिवार को सीबीआई की टीम ने चर्चित आईएएस अधिकारी बी. चन्द्रकला के लखनऊ आवास पर छापा मारा। आईएएस अधिकारी के अलावा सीबीआई ने इस मामले में लखनऊ, कानपुर, हमीरपुर, जालौन, नोएडा और दिल्ली समेत 12 जगहों पर छापेमारी की कार्रवाई की है।

सीबीआई ने जालौन के उरई में भी बालू घाट संचालकों के प्रतिष्ठानों पर छापा मारा है। यह कार्रवाई शुक्रवार देर रात से जारी है। सीबीआई का यह छापा हाईकोर्ट इलाहाबाद के आदेश पर मारा गया है।

शनिवार को सीबीआई अधिकारियों ने बी. चंद्रकला के लखनऊ में योजना भवन के समीप स्थित सफायर अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 101 में छापा मारा की गयी है। घर के अंदर मौरंग कारोबार से सम्बन्धित रिकार्ड खंगालने में जुटी है।

इसके अलावा सीबीआई द्वारा हमीरपुर के एमएलसी रमेश मिश्रा, गहरौली में संजय दीक्षित के भाई राकेश दीक्षित, मौदहा कस्बे में भी छापमेमारी की कार्रवाई जारी है। एमएलसी के वृन्दावन धाम, कानपुर सहित कई ठिकानों पर भी सीबीआई की छापेमारी चल रही है।

हमीरपुर के रमेड़ी निवासी संजय दीक्षित बसपा नेता हैं। वह हमीरपुर के जिला पंचायत अध्यक्ष भी रहे हैं। उनके पिता सत्यदेव दीक्षित कभी मौरंग के के कारोबारी रहे हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की मां माया देवी के नाम पर हमीरपुर जिले में सबसे अधिक मौरंग की खदानें संचालित हुयी थी।

जिले में अवैध खनन की सीबीआई जांच कराने के लिये यहां के विजय द्विवेदी एडवोकेट ने दो साल पहले हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने हमीरपुर समेत कई जनपदों में अवैध मौरंग खनन की जांच सीबीआई से कराने के आदेश किये थे।

हमीरपुर, जालौन सहित कई जनपदों में सीबीआई की टीमों ने कई बार आकर मामले की जांच की थी। विजय द्विवेदी ने शनिवार को बताया कि सीबीआई को जांच के दौरान बसपा नेता संजय दीक्षित के यहां से मौरंग के सिंडीकेट से सम्बन्धित कागज मिले थे, जिसके बाद सीबीआई की टीम यहां आकर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष के घर पर छापेमारी कर रिकार्ड खंगाल रही है।

सीबीआई की कई टीमें दिल्ली से आयी हैं, जो एक साथ छापेमारी कर रही है। छापेमारी के दौरान न तो घर में कोई प्रवेश कर पा रहा है और नहीं घर के लोगों को बाहर निकलने दिया जा रहा है। घर के बाहर पुलिस बल तैनात है।

मौरंग के सिंडीकेट के नेटवर्क में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय दीक्षित का भाई राकेश दीक्षित शामिल रहा है। इनके घर पर विनीत पालीवाल भी रहता था, जिसने सीबीआई जांच के दौरान आत्महत्या कर ली थी। इधर सीओ सदर ओमकार यादव ने बताया कि टीम ने छापेमारी के लिये पुलिस बल मांगा था, जिसे उपलब्ध करा दिया गया है। सीबीआई टीम की छापेमारी से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं मौरंग के व्यवसायी भी सकते में आ गये हैं।

गौरतलब है कि पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार में बी. चंद्रकला हमीरपर की जिलाधिकारी थी। आरोप है कि उन्होंने जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जनपद में 50 मौरंग खनन के पट्टे नियमों के विरुद्ध जाकर किए थे। नियमानुसार ये काम ई-टेंडरिंग से होना था। इसके बाद 2015 में अवैध मौरंग खनन को लेकर हाईकोर्ट में विजय द्विवेदी ने याचिका दायर की थी।

इस पर हाईकोर्ट ने 16 अक्टूबर 2015 को हमीरपुर में जारी किए गए सभी 60 मौरंग खनन के पट्टे अवैध घोषित करते हुए रद्द कर दिए थे। 28 जुलाई 2016 को हाईकोर्ट ने अवैध खनन की जांच सीबीआई को सौंप दी थी।

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