देशहादसा

आंध्रप्रदेश: विशाखापट्टनम में फिर गैस लीक, आसपास के पांच किलोमीटर के इलाके को कराया जा रहा है खाली…

विशाखापट्टनम में एक बार फिर से गैस लीक की घटना सामने आई है. दोबारा उसी जगह पर गैस लीक होने की खबर है, जहां गुरुवार तड़के घटना हुई थी. मौके पर 50 दमकलकर्मी मौजदू हैं और उनके साथ एनडीआरएफ के कर्मचारी भी मोर्चा संभाले हुए हैं. इसके साथ ही गैस लीक को निष्क्रिय करने के लिए पीटीबीसी केमिकल को एयर इंडिया के स्पेशल कार्गो विमान से गुजरात से विशाखापट्टनम पहुंचाया गया है.
विशाखापट्टनम जिले के दमकल अधिकारी संदीप मोहन ने कहा कि कंपनी के आसपास के 5 किलोमीटर तक के इलाके में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर हटाने का काम शुरू कर दिया गया है. कंपनी में स्टाइरीन गैस का रिसाव हुआ है जिससे आसपास के लोगों की तबीयत बिगड़ रही है.

ताजा जानकारी के मुताबिक, घटनास्थल पर दमकल की 10 और गाड़ियां पहुंच गई हैं. इनके साथ 2 फोम टेंडर्स की भी गाड़ियां हैं. किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए एंबुलेंस तैयार हैं. आंध्र प्रदेश पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जिन पर संपर्क करके लोग मदद मांग सकते हैं. साथ ही सतर्कता बरतने की अपील की है. पुलिस ने लोगों से अपील की कि वो आसपास के गांवों को खाली कर दें और घबराएं नहीं.

घटना विशाखापट्टनम के गोपालपट्टनम इलाके की है. इससे पहले गुरुवार तड़के ढाई बजे स्टाइरीन गैस का रिसाव हुआ था. गैस का रिसाव एलजी पॉलीमर्स इंडिया प्रा. लि. कंपनी में हुआ. गैस रिसाव से अब तक 11 लोगों की मौत हुई है और कई लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

शुरुआती जांच रिपोर्ट में पता चला कि गैस वाल्व में दिक्कत के कारण हादसा हुआ. बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात 2.30 बजे गैस वाल्व खराब हो गया और जहरीली गैस लीक कर गई. विशाखापट्टनम नगर निगम कमिश्नर श्रीजना गुम्मल्ला ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार पीवीसी या स्टाइरीन गैस का रिसाव हुआ है. रिसाव की शुरुआत सुबह 2.30 बजे हुई. गैस रिसाव की चपेट में आस-पास के सैकड़ों लोग आ गए और कई लोग बेहोश हो गए.

ग्रेटर विशाखापट्टनम नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, “कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के कारण बंद हुई केमिकल यूनिट को गुरुवार सुबह फिर से शुरू किया गया. कुछ समय बाद टैंकों में जमा गैस लीक होने लगी और तीन किलोमीटर के दायरे में फैल गई.” अधिकारियों के अनुसार, “स्टाइरीन और पेंटाइन गैसें संभवत: दुर्घटना का कारण बनीं.”

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