देश

केन्द्र सरकार का फैसला- स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने पर होगी 3 महीने से 5 साल तक की सजा: केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर…

कोरोना वायरस के महासंकट के बीच स्वास्थ्यकर्मियों पर लगातार हो रहे हमले पर अब मोदी सरकार ने कड़ा फैसला लिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बुधवार को ही केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक अध्यादेश पास किया गया है, जिसके बाद अब स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा. इसमें 3 महीने से सात साल तक की सजा का प्रावधान है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी.

स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करना पड़ेगा भारी

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि आज कई जगह डॉक्टरों के खिलाफ हमले की जानकारी आ रही है, सरकार इन्हें बर्दाश्त नहीं करेगी. सरकार इसको लेकर अध्यादेश लाई है.

मंत्री ने कहा कि मेडिकलकर्मियों पर हमला करने वालों को जमानत नहीं मिलेगी, 30 दिन के अंदर इसकी जांच पूरी होगी. 1 साल के अंदर फैसला लाया जाएगा, जबकि 3 महीने से 5 साल तक की सजा हो सकती है. इसके अलावा गंभीर मामलों में 6 महीने से 7 साल तक की सजा का प्रावधान है. गंभीर मामलों में 50 हजार से 2 लाख तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा.

अध्यादेश के अनुसार, अगर किसी ने स्वास्थ्यकर्मी की गाड़ी पर हमला किया तो मार्केट वैल्यू का दोगुना ज्यादा भरपाई की जाएगी. प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि देश में अब 723 कोविड अस्पताल हैं, जिसमें लगभग 2 लाख बैड तैयार हैं. इनमें 24 हजार आईसीयू बेड हैं और 12 हजार 190 वेंटिलेटर हैं. जबकि 25 लाख से अधिक N95 मास्क भी हैं.

प्रधानमंत्री आवास पर पीएम मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में कोरोना वायरस के मौजूदा असर और लॉकडाउन की समीक्षा की गई. इसके अलावा आर्थिक हालात पर भी चर्चा हुई. केंद्र सरकार की ओर से पहले भी राहत के तौर पर 1 लाख सत्तर हजार करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया गया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कैबिनेट मंत्रियों, राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ वार्ता करते आए हैं. पीएम ने अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से भी इस मसले पर चर्चा की है.

कैबिनेट बैठक के चलते हर शाम होने वाली स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस वार्ता आज नहीं होगी. दोपहर तीन बजे ही स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारी कैबिनेट मीटिंग वाली ब्रीफिंग में दी जाएंगी. बता दें कि हर शाम चार बजे स्वास्थ्य मंत्रालय की अगुवाई में प्रेस वार्ता होती है, जिसमें ICMR और गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं.

एक्शन में केंद्र सरकार

केंद्र सरकार की ओर से लगातार कोरोना वायरस और लॉकडाउन को लेकर फैसले लिए जा रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय राज्यों को जरूरी दिशा निर्देश जारी कर रहा है, तो वहीं गृह मंत्रालय की कोशिश लॉकडाउन को लागू करवाने की है. आईसीएमआर की ओर से टेस्टिंग को लेकर निगरानी की जा रही है.

Related Articles

Back to top button
Close
Close