इंसानों के अधिकारों का जंगली जानवरों ने किया हनन, SC में केरल सरकार ने दाखिल किया हलफनामा…

इंसानों का अधिकार जंगली जानवरों से कहीं ऊपर है. ऐसा बयान केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया है. सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने सरकार ने हलफनामा दाखिल करते हुए रात में बांदीपुर टाइगर रिजर्व से होते हुए ट्रैफिक गुजरने पर लगे प्रतिबंध को बेहद भेदभावपूर्ण बताया है.साथ ही इस प्रतिबंध के कारण रिजर्व के आसपास बसे लोगों के विचरण के अधिकार का हनन होने और उन्हें कई तरह की परेशानी होने का भी मुद्दा उठाया है.

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि रात नौ बजे से सुबह छह बजे तक इस रिजर्व से होते हुए आवाजाही पर रोक लगी हुई है. केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से इस प्रतिबंध को हटाने के लिए केंद्र सरकार से आग्रह करने वाला प्रस्ताव पारित किया था. साथ ही इस प्रतिबंध के खिलाफ कई संगठनों की तरफ से जताये जा रहे विरोध का वायनाड के कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी समर्थन किया है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रतिबंध को हटाने से साफ इनकार कर दिया है.

शीर्ष अदालत में इसके बावजूद केरल सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि बांदीपुर टाइगर रिजर्व का वर्तमान रास्ता दशकों पुराना है. इस पर प्रतिबंध लगाना रिजर्व के इर्द-गिर्द रहने वाले लोगों के साथ भेदभाव है. इससे रिजर्व के आसपास रहने वाले लोगों के कहीं भी आने-जाने व विचरण करने का अधिकार प्रभावित हो रहा है.केरल सरकार ने कहा है कि यह प्रतिबंध बिना किसी वैज्ञानिक अध्ययन या निष्कर्षों के लगा दिया है. हलफनामे में केरल सरकार ने कहा है कि असम के काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क, मध्य प्रदेश के कान्हा व पेंच टाइगर रिजर्व के रास्ते से भी आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है.

You may have missed

Translate »
error: Content is protected !!