देशस्वास्थ्य

सावधन: वैज्ञानिकों ने किया अलर्ट, कहा- देश में कोरोना के अलावा विदेश से 8 वायरस और आए, जानें कितने खतरनाक?…

कोरोनावायरस के संकट के साथ भारत को विदेशों से पहुंचे 8 अन्य वायरसों से निपटने का प्रबंध भी करना पड़ सकता है। देश के सात शोध संस्थानों ने कोरोना के अलावा विदेशों से आए लोगों के जरिए भारत पहुंचे वायरस की स्क्रीनिंग के लिए सरकार से भी सिफारिश की है। संस्थानों से सरकार से कहा है कि कोविड-19 के साथ विदेशों से आए आठ अन्य वायरस की स्क्रीनिंग भी की जाए। जो लोग विदेशों से भारत वापस आए हैं, उनके साथ आठ में सांस संबंधी बीमारियों के वायरस आए हैं। बता दे, केरल और पुणे स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी (NIV) के वैज्ञानिकों ने जनवरी से फरवरी के बीच भारत आए 362 लोगों के सैंपल पर शोध किया है।

362 लोगों के सैंपल में से 84 लोग संक्रमित मिले हैं, जिनमें से सिर्फ चार लोगों में ही सार्स कोरोना-2 वायरस मिला है। बाकी लोगों में अन्य तरह के सांस संबंधी वायरस मिले हैं, जिनके लक्षण लगभग एक समान हैं। शोध में वैज्ञानिकों ने कहा है कि यह सांस से जुड़े संक्रमण हैं, इनमें से कुछ भारत में पहले भी मिल चुके हैं। अगर एहतियात नहीं बरती गई तो ये संक्रमण नुकसानदायक भी हो सकते हैं। इन सभी की आरटी पीसीआर जांच की गई तो तीन केरल और एक दिल्ली निवासी मरीज संक्रमित मिला। यह चारों देश के पहले कोरोना संक्रमित मरीज थे जोकि अब स्वस्थ्य होकर घर लौट चुके हैं। हालांकि बाकी लोगों में इन्फ्लूएंजा A, B, मानव कोरोना वायरस, राइनो वायरस, एडिनो और पैरा इन्फ्लूएंजा वायरस भी मिले हैं.

362 में से 250 पुरुष और 109 महिलाओं के सैंपल थे, ज्यादात्तर 258 लोगों की औसत आयु 21 से 40 वर्ष थी। इनमें से ज्यादात्तर चिकित्सीय छात्र या नौकरी पेशा वाले लोग थे. 84 लोगों में एक या एक से ज्यादा सांस संबंधी बीमारियों से जुड़े वायरस मिले हैं. अन्य 10 लोगों में सह संक्रमण और बाकी 278 निगेटिव मिले थे. कोरोनावायरस भी श्वसन तंत्र से जुड़ा संक्रमण है. 41 से 50 आयु के लोगों में संक्रमण का उच्च असर मिला है.

ये 8 वायरस मिले-

इन्फ्लूएंजा A: 25 यात्रियों में यह वायरस मिला है, इसे फ्लू नाम से भी जानते हैं। यह सीध श्वसन तंत्र पर अटैक करता है। इसकी शुरुआत खांसी, जुकाम और हल्के बुखार के साथ होती है, ध्यान न दिया जाए तो ये बीमारी घातक रूप धारण कर लेती है।

इन्फ्लूएंजा B: A की ही तरह इंफ्लूएंजा B वायरस होता है जोकि सात लोगों में मिला है, हालांकि ए की तुलना में यह वायरस मंद होता है।

मानव कोरोनावायरस: 21 लोगों में यह वायरस मिला है, दुनिया में अबतक सात तरह का कोरोनावायरस मिल चुका है लेकिन अभी जो चल रहा है वह इससे अलग है।

राइनो वायरस: विदेशों से आए 15 लोगों में यह वायरस मिला है। कोविड-19 की तरह इसका असर भी पांच दिन बाद दिखाई देता है, फ्लू जैसे ही लक्षण मिलते हैं।

एडिनो वायरस: चार लोगों में यह वायरस मिला है, इस वायरस के लक्षण भी सर्दी, जुकाम, बुखार इत्यादि हैं। हालांकि सतर्कता बरतने से बचाव किया जा सकता है।

पैरा इन्फ्लूएंजा (PIV): यह संक्रमण आमतौर पर सर्दियों में मिलता है। 10 लोगों में यह वायरस मिला है, इसके लक्षण भी अन्य तरह के फ्लू की भांति मिलते हैं।

RSV: श्वसन से जुड़ा यह संक्रमण 6 लोगों में पाया गया, सांस फूलना या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण शामिल हैं।

मैटानिमो: मानव मैटाफिनोमी वायरस दो लोगों में मिला है, यह ऊपरी या निचले श्वसन रोग का कारण बन सकता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने पर यह वायरस गंभीर रूप ले सकता है।

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