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सोनिया गांधी-ममता बनर्जी की गैर-बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री संग बैठक आज, NEET, JEE के मुद्दे पर होगी चर्चा…

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज यानी बुधवार को गैर-बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की संयुक्त बैठक बुलाई है। आज दोपहर में होने वाली इस बैठक में सितंबर में होने वाली NEET और JEE की परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग पर चर्चा होगी। साथ ही इस बैठक में राज्यों के बकाए जीएसटी पर भी चर्चा होगी।

यह वर्चुअल मीटिंग आज दोपहर 2.30 बजे होगी। यह जानकारी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता के करीबी टीएमसी नेता ने दी है। इस वर्चुअल मीटिंग में सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अलावा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री नारायणसामी आदि शामिल होंगे।

इस बैठक की व्यवस्था में लगे एक टीएमसी नेता ने कहा कि सभी गैर-बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को न्योता दिया गया है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सूचना दी है कि कुछ जरूरी कामों की वजह से वह इस वर्चुअल मीटिंग में मौजूद नहीं रहेंगे।

इससे पहले सोमवार और मंगलवार को बैक टू बैक अपील में ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सितंबर में होने वाली परीक्षाओं को स्थगित करने का आग्रह किया था और कहा कि अगर वे कोरोना महामारी के दौरान यात्रा करते हैं, तो छात्रों को जोखिम में डालना होगा।

बता दें कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए ने मंगलवार को स्पष्ट किया था कि NEET और JEE परीक्षा स्थगित नहीं की जाएगी और निर्धारित समय पर होगी। एनटीए अधिकारियों ने कहा कि NEET और JEE की परीक्षा सितंबर में ही आयोजित की जाएंगी। दरअसल, कोरोना महामारी के कारण इन परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की जा रही है, मगर सरकार ने साफ कर दिया है कि परीक्षाएं समय पर ही होंगी।

इसके अलावा, सूत्रों का कहना है कि सोनिया गांधी पार्टी शासित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों और ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे एवं हेमंत सोरेन के साथ डिजिटल बैठक कर जीएसटी परिषद की बैठक में जीएसटी से जुड़े मुआवजे के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के मकसद से साझा रणनीति बनाएंगी। जीएसटी परिषद की बैठक 27 अगस्त को होगी।

गौरतलब है कि जीएसटी कानून के तहत राज्यों को जीएसटी लागू होने के बाद के 5 साल तक किसी भी कर नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार को करनी है। राजस्व में इस कमी की गणना यह कल्पना करके की जाती है कि राज्य के राजस्व में सालाना 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी, जिसके लिए आधार वर्ष 2015-16 रखा गया है।

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