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क्या पेशाब के साथ झाग निकलना भी कोई बीमारी है?

आज के समय में भी महिलाएं अपने प्राइवेट पार्ट्स संबंधी बीमारियों को लेकर गाइनेकोलॉजिस्ट के पास जाने में संकोच करती हैं। पेशाब में झाग आने की समस्या अक्सर महिलाओं में होती है लेकिन ज्यादातर महिलाएं इसे इग्नोर करती हैं। पेशाब के जरिए शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलता है जिससे हम स्वस्थ रहते हैं। खान-पान बदलने, दवा खाने या कम पानी पीने पर पेशाब का रंग पीला से सफेद हो जाता है। लेकिन महिलाओं के पेशाब में झाग आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए क्योंकि ब्लैडर पर ज्यादा दबाव पड़ने पर पेशाब में झाग आने की समस्या कभी-कभार ही होती है। कुछ महिलाएं पेशाब में ब्लड या पस का भी अनुभव करती हैं। यूटीआई: यूटीआई या यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन महिलाओं में होने वाली एक आम लेकिन बड़ी समस्या है। यह गंदे वॉशरूम का इस्तेमाल करने से होता है। बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट में प्रवेश कर जाते हैं जिसकी वजह से उन्हें जलन का अनुभव होता है और पेशाब में झाग आने लगता है। इसलिए ऐसी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि यूटीआई एंटीबॉयोटिक्स खाने के बाद ही ठीक होता है। इसके अलावा साफ वॉशरूम और सैनीटाइजर्स के इस्तेमाल पर भी ध्यान दें। किडनी में परेशानी: किडनी हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। इसके खराब होने से हमारा स्वास्थय भी पूरी तरह से खराब हो जाता है। यहां तक कि इसके लिए मरीज को डायलिसिस भी करवाना पड़ सकता है। इसलिए अगर आपको लगातार पेशाब में झाग आ रहा हो तो आपके किडनी में भी परेशानी हो सकती है। इसलिए शीघ्र डॉक्टर को दिखाएं। किडनी में स्टोन होने पर भी पेशाब से झाग निकलता है।

डायबिटीज: डायबिटीज होने पर भी किडनी खराब हो सकती है। जिन लोगों को डायबिटीज होती है उनके पेशाब में झाग और बबल्स आते हैं। अगर आपने लंबे समय से अपने शुगर की जांच नहीं कराई तो डायबिटिक स्पेशलिस्ट को दिखाएं। अच्छी तरह इलाज कराने से डायबिटीज और पेशाब में झाग आने की समस्या ठीक हो जाती है। हृदय रोग: अगर आपको दिल की बीमारी है तो इसकी वजह से भी पेशाब में झाग आ सकता है। इसलिए आप अपने कॉर्डियोवैस्कुलर की अच्छे से जांच कराएं। स्ट्रोक, हॉर्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर की वजह से भी पेशाब में झाग आता है। हृदय रोगों के सही तरीके से इलाज के लिए एक्सपर्ट की जरूरत पड़ती है। इसलिए पेशाब में झाग आने के लक्षणों की अनदेखी न करें क्यों कि यह आपके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। प्रोटीन यूरिया: ज्यादातर लोग इस शब्द से परिचित हैं। लेकिन कुछ लोगों को यह नहीं पता है कि अधिक मात्रा में प्रोटीन रिलीज होने पर पेशाब में झाग आने लगता है। हमारी किडनी फिल्टर का काम करती है जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। कुछ मात्रा में प्रोटीन हर बार पेशाब के साथ बाहर निकलता है। लेकिन यह जब अधिक मात्रा में निकलने लगता है तो इसका मतलब यह है कि हमारी किडनी, किडनी स्टोन या डायबिटीज के कारण ठीक से काम नहीं कर रही है। इसका दूसरा कारण यह भी हो सकता है कि आपका ब्लड प्रेशर बढ़ गया हो या आप अधिक प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे अंडा, मीट, चिकन ज्यादा खा रहे हों जिससे कि शरीर से अधिक प्रोटीन निकल निकलने लगता है। तनाव: अधिक काम के तनाव के कारण भी पेशाब में झाग आने लगता है। अपने दिमाग को आराम दें। कुछ देर मेडिटेशन करने से भी फायदा हो सकता है। इससे दिमाग को सिर्फ आराम ही नहीं मिलता बल्कि पेशाब में झाग आने की समस्या भी खत्म हो जाएगी। डिहाइड्रेशन: डिहाइड्रेशन पेशाब में झाग आने का सबसे मुख्य कारण है। हमारे शरीर का दो-तिहाई भाग पानी है और पानी पेशाब के रूप में विषाक्त पदार्थों को हमारे शरीर से बाहर निकालता है। इसलिए शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए अधिक से अधिक पानी पीना जरुरी है। हालांकि डायबिटीज के मरीज ज्यादा पानी नहीं पीते हैं इसलिए जब उनके शरीर में ग्लूकोज का लेवल बढ़ता है तो वह पेशाब में झाग बनकर बाहर निकलता है। इसलिए अगर आपको डायबिटीज नहीं है तो आप ज्यादा पानी पीने पर ध्यान दें। दिनभर में कम से कम आठ से दस गिलास पानी पीएं। अगर आपके पेशाब में लगातार झाग आ रहा है तो वाकई यह चिंता का विषय है। ऊपर बतायी गई समस्याओं में से अगर आपको एक भी समस्या है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। लेकिन अगर आप प्रेगनेंट हैं तो पेशाब में झाग आने से न घबराएं। प्रेगनेंट महिला के पेशाब में झाग आना सामान्य बात है।

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