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तो क्या राम रहीम का साम्राज्य बर्बाद हो जाएगा?

26 अगस्त को डेरा सच्चा सौदा के सिरसा स्थित मुख्यालय पर जहां केन्द्रीय सुरक्षा बलों ने अपना डेरा जमा लिया है, वहीं पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि बाबा राम रहीम और डेरा की सम्पत्तियों की सूची अदालत में पेश की जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने डेरा की सम्पत्तियों को लीज पर देने और बेचने पर भी रोक लगा दी है।
कोर्ट पहले ही कह चुका है कि बाबा के समर्थकों ने जो तोड़फोड़ आगजनी अथवा हिंसक वारदातें की उसकी भरपाई डेरा की सम्पत्तियों में से की जाए। डेरा के खिलाफ जो सख्त कदम उठाए गए हैं उसी से यह सवाल उठता है कि क्या बाबा राम रहीम का साम्राज्य बर्बाद हो जाएगा। इसमें कोई दो राय नहीं की बाबा के पास जहां सम्पत्तियों का साम्राज्य है, वहीं लाखों भक्तों की आस्था भी है, लेकिन यह आस्था तभी तक थी, जब राम रहीम भक्तों के लिए भगवान नजर आ रहे थे।

अब राम रहीम जेल जा चुके हैं और जेल से बाहर कब आएंगे यह किसी भी भगवान को पता नहीं है। जो भक्त राम रहीम को भगवान मानते थे,उन्हें यह समझना चाहिए कि यदि कोई ईश्वरीय चमत्कार होता तो राम रहीम सबसे पहले अपने लिए इस्तेमाल करते। भक्तों को भी भड़का कर 25 अगस्त को बाबा ने आखिरी दाव लगा लिया। अब भक्तों में भी पहले वाला जोश नजर नहीं आ रहा है। अब यह देखना है कि 28 अगस्त को पंचकूला की सीबीआई अदालत राम रहीम को कितने साल की सजा सुनाती है।

सरकार की ढिलाईः

बाबा के समर्थकों ने जो हिंसा की है उसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर  सरकार की ढिलाई भी सामने आई है। यह सही है कि चुनाव के समय भाजपा के बड़े-बड़े नेता बाबा के सामने नस्तमस्तक होते थे। हरियाणा में भाजपा की सरकार बनवाने में बाबा की भी भूमिका मानी जाती है।
शायद इसलिए सीएम खट्टर ने बाबा के समर्थकों के खिलाफ वो सख्त कदम नहीं उठाए जो एक सरकार को उठाने चाहिए थे। यदि हाईकोर्ट के आदेश से सेना और अर्द्धसैनिक बलों को बुलाया नहीं जाता तो हालात और बिगड़ते। 26 अगस्त को हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की कार्य प्रणाली पर भी सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट का कहना रहा कि सरकार ने डेरा समर्थकों के सामने सरेंडर कर दिया, इसलिए हालात बिगड़े। हरियाणा सरकार को कोर्ट की इस टिप्पणी को गंभीरता से लेना चाहिए। सरकार को उपद्रवी तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करनी चाहिए।

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