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भारत सहित 80 देशों के लोग अब बिना वीजा आएंगे कतर

पड़ोसी देशों के साथ कूटनीतिक संघर्ष में उलजे कतर ने 80 देशों के नागरिकों को वीजा मुक्त करने का फैसला किया है. बुधवार को इस कार्यक्रम का एलान किया गया ताकि देश के वायु यातायात और पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके.

BG Katar-GCC | Grenze zwischen Katar und Saudi Arabien (Getty Images/AFP/STRINGER )

पर्यटन विभाग के अधिकारी हसन अल इब्राहिम ने दोहा में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा, “वीजा मुक्त करने से कतर इस इलाके का सबसे खुला देश बन जाएगा.” गृह मंत्री मोहम्मद राशिद अल मजरुई ने कहा है कि 80 देशों के नागरिकों को कतर आने के लिए सिर्फ अपना पासपोर्ट दिखाना होगा. तेल से भरा कतर 2022 में फुटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी करने जा रहा है. कार्यक्रम का एलान करते वक्त इन 80 देशों के नाम नहीं बताए गये हैं जहां के लोग वीजा लिए बगैर कतर आ सकते हैं लेकिन कतर के अखबारों का कहना है कि इस योजना के लक्ष्य में मुख्य रूप से पश्चिमी देशों को रखा गया है.
Katar Doha - Qatar Airline Landet (Getty Images/AFP/K. Jaafar)
नये वीजा कार्यक्रम में 33 देशों के नागरिक 180 दिन तक रह सकते हैं जबकि बाकी के 47 देशों के लोग 30 दिन तक रह सकते हैं. इस समय को सिर्फ एक बार और आगे बढ़ाया जा सकता है. मजरुई का कहना है कि इस सूची में देशों के नाम शामिल करने से पहले वहां सुरक्षा, आर्थिक स्थिति और वहां के नागरिकों की क्रय शक्ति को ध्यान में रखा गया है. कतर एयरवेज के प्रमुख अकबर अल नकर का कहना है कि उनकी एयरलाइन को इससे सबसे पहले फायदा होगा. कतर एयरवेज इस साल अपने नेटवर्क में 62 नए शहरों को शामिल करने जा रही है.
अरब देशों में सऊदी अरब, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और मिस्र ने इसी साल 5 जून से कतर का बहिष्कार कर रखा है. इन देशों ने कतर पर चरमपंथी इस्लामी गुटों को पालने का आरोप लगाया है जो कथित तौर पर ईरान के साथ करीबी संबंध रखे हुए हैं. कतर इन आरोपों से इनकार करता है.

तेल और गैस

तेल और गैस
कतर कभी अरब दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक था. लेकिन वह इस क्षेत्र के सबसे अमीर देशों में शामिल है. इसकी वजह उसके यहां मिले तेल और गैस के बड़े भंडार.

खाड़ी के इन चारों देशों ने कतर के साथ अपनी थल और जल सीमाएं सील कर दी हैं और उसके साथ आर्थिक गतिविधियों और हवाई परिवहन पर रोक लगा दी है. 3 अगस्त को कतर ने कुछ विदेशियों के लिए एक नया स्थायी निवासी दर्जा शुरू किया है. इनमें उन लोगों को शामिल किया जाएगा जिन्होंने देश की भलाई के लिए काम किया हो. खाड़ी के किसी देश में यह पहली बार हुआ है. नये नियमों के मुताबिक कतर की मां और विदेशी पिता के बच्चों को नए दर्जे का फायदा मिलेगा. साथ ही उन विदेशियों को भी जिन्होंने “कतर की सेवा की है” या फिर उनके पास ऐसा कौशल है जिसका “लाभ देश को मिल सकता है.” इस दर्जे में आने वाले नागरिकों को कतर के नागरिकों की तरह ही मुफ्त स्वास्थ्य, शिक्षा और दूसरी सुविधाएं मिलेंगीं.
कतर की आबादी करीब 24 लाख है जिनमें से 90 फीसदी विदेशी हैं. इनमें बड़ी तादाद दक्षिण एशिया से आये लोगों की भी है जो निर्माण के क्षेत्र में काम करते हैं.

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