अन्य

5 एकड़ ज़मीन, 100 फ़ीट ऊंची मूर्ति और 10 करोड़ से पीएम मोदी का भव्य मंदिर

5 एकड़ ज़मीन,100 फ़ीट ऊंची मूर्ति और 10 करोड़ से पीएम मोदी का भव्य मंदिर

जल्द ही यूपी के मेरठ में पीएम मोदी के नाम का मंदिर बनने जा रहा है. मेरठ के सरधना क्षेत्र में 5 एकड़ की ज़मीन पर बन रहे इस मंदिर में पीएम मोदी की 100 फ़ीट ऊंची मूर्ति भी लगेगी. उत्तरप्रदेश सिंचाई और जल विभाग के रिटायर सहायक इंजीनियर जेपी सिंह ने बीते 2 अक्टूबर, यानि गांधी जंयती के मौके पर मंदिर बनाने का ऐलान किया गया है.
इंजीनियर सिंह ने बताया, मंदिर का भूमि पूजन 23 अक्टूबर को होगा, इसको बनने में करीब 2 वर्ष का समय लगेगा. मंदिर के उद्घाटन बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के हाथों होगा. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर बनाने का फ़ैसला, पीएम की बढ़ती फ़ैन Following देखते हुए लिया गया है. वैसे ये एक तरह की विडंबना ही हुई क्योंकि प्रधानमंत्री हमेशा ये कहते आये हैं कि वो देश सेवक हैं, भगवान नहीं.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने कहा, ‘मैं मोदी जी से काफ़ी प्रभावित हूं और अब मोदी भक्तों के लिए एक मंदिर होना चाहिए, जहां वो मोदी की पूजा कर सकें.’ वहीं मंदिर को बनाने में करीब 10 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. आगे बताते हुए सिंह कहते हैं, मंदिर में आने वाली लागत का खर्च मोदी भक्तों से चंदा करके एकत्रित किया जाएगा।

ग़ौरतलब है, साल 2015 में गुजरात के राजकोट में भी पीएम मोदी का मंदिर बनाने की कोशिश की गई थी, लेकिन प्रधानमंत्री ने इस पर नाराज़गी जताते हुए ट्वीट किया था, ‘किसी इंसान का मंदिर बनाना हमारी सभ्यता नहीं है, मंदिर बनाने से मुझे दुख हुआ है. मैं लोगों से ऐसा नहीं करने की विनती करता हूं.’ वहीं पीएम के इस ट्वीट के बाद राजकोट प्रशासन ने तुरंत कार्यवाही करते हुए वहां से मोदी की मूर्ति को हटवा दिया था.

सिंह का मानना है कि सरकार की सेवा में ज़िंदगी के 30 बरस बिताने के बाद, अब वो गरीब और ज़रुरतमंद लोगों के लिए कुछ करना चाहते हैं, इसी सोच के चलते उन्होंने मोदी मंदिर बनवाने का निर्णय लिया. इसके साथ ही 5 एकड़ ज़मीन के लिए 20 लाख रुपये कैश दिए जा चुके हैं, ताकि मंदिर बनवाने का काम शरू किया जा सके. सिंह साहब हम तो यही कहना चाहेंगे कि गरीबों की सेवा करने के लिए पीएम के नाम का मंदिर ही क्यों, 10 करोड़ रुपये जैसी मोटी रकम को गरीब बच्चों की पढ़ाई या फिर बुखमरी से मर रहे लोगों पर खर्च करते, तो ज़्यादा अच्छा होता और फिर पीएम तो पहले ही ऐसे कामों के लिए नाराज़गी जता चुके हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button
Close
Close
Open chat