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बिलासपुर: जिले की सरकारी शराब दुकानों के पास अवैध चखना सेंटरों की बाढ़… विरोध करने पर आबकारी निरीक्षक ने पार्षद से की गाली-गलौज… कांग्रेस की शराबबंदी की घोषणा पर भारी पड़ न जाए ये अफसर…

बिलासपुर/ छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को बहुमत मिलते ही अब सरकारी शराब दुकानों के पास अवैध चखना सेंटरों के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है। चखना दुकान बंद कराने की मांग करने पर बिल्हा में आबकारी निरीक्षक पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगा है। इस मामले को लेकर पार्षद ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए शराब दुकान के साथ ही चखना सेंटर बंद कराने की मांग की है।

निवर्तमान भाजपा सरकार ने 2018-19 में आबकारी अधिनियम में संशोधन कर शराब दुकान संचालन का जिम्मा अपने हाथों में ले लिया था। प्रदेश के साथ ही बिलासपुर जिले में सभी देसी और विदेशी शराब दुकानें सरकार चला रही हैं। आबकारी अधिनियम में शराब दुकान के पास किसी तरह का चखना सेंटर चलाने पर पाबंदी है, लेकिन सरकार से जुड़े नेताओं ने अपनों को उपकृत करने के उद्देश्य से प्रदेश की प्रमुख सरकारी दुकानों के पास अवैध चखना सेंटर बांट दिए हैं। निवर्तमान भाजपा सरकार से ताल्लुख रखने वाले लोग ये चखना सेंटर किराए में चलवा रहे हैं। बताया जा रहा है कि बिलासपुर शहर के भीतर संचालित चखना सेंटरों का किराया 1000 से 3000 हजार रुपए प्रतिदिन का किराया है। हालांकि कांग्रेसी शुरू से ही शराब दुकान और चखना सेंटरों का विरोध करते आ रहे हैं, लेकिन प्रदेश में उनकी सरकार नहीं होने के कारण उनकी मांगें अनसुनी कर दी जाती रही हैं। अब प्रदेश में कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद शराब दुकानों और अवैध चखना सेंटरों के खिलाफ फिर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। नगर पंचायत बिल्हा के वार्ड क्रमांक 12 में अंग्रेजी शराब दुकान संचालित है, जो कन्या शाला के पास है। शुरुआत में वहां के नागरिकों ने शराब दुकान का विरोध किया, लेकिन प्रशासन ने नहीं सुना। उन्होंने उस समय सिर्फ यह आश्वासन दिया था कि शराब दुकान के पास किसी तरह का चखना सेंटर नहीं खोला जाएगा। नगर पंचायत बिल्हा के पार्षद सद्दाम कुरैशी के साथ कांग्रेस शुक्रवार दोपहर कलेक्टोरेट पहुंचे थे। उन्होंने कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें आरोप लगाया गया है कि कन्या शाला के पास संचालित अंग्रेजी शराब दुकान के पास अवैध चखना सेंटर चल रहा है। जिसे बंद करवाने के लिए पार्षद कुरैशी ने 13 दिसंबर को आबकारी निरीक्षक जैन से शिकायत की, लेकिन उन्होंने चखना सेंटर बंद कराने के बजाय उनके साथ दुर्व्यवहार किया। यहां तक कि गाली-गलौज करते हुए झूमाझटकी तक की गई। उन्हें अपनी गाड़ी तक में बिठा लिया था। विरोध करने पर प्रशासन की क्षमता दिखाने तक की धमकी दी गई। उनका कहना है कि कल की घटना से बिल्हा नगर पंचायत में भय का माहौल है। उन्होंने आबकारी निरीक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

यहां संचालित हैं अवैध चखना सेंटर

लिंक रोड स्थित स्वदेशी शराब दुकान, पुराना बसस्टैंड परिसर, सिरगिट्‌टी फाटक के पास, मंगला, लिंगियाडीह, हरदी कला, तोरवा, चुचुहियापारा।

ये है नियम

विधानसभा चुनाव से पहले आबकारी मंत्री ने आबकारी अफसरों की बैठक लेकर अवैध शराब और अवैध चखना सेंटर चलाने के मामले को लेकर जमकर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने आदेश जारी करते हुए कहा था कि किसी भी दुकान के 60 मीटर के दायरे में कोई चखना सेंटर संचालित नहीं किया जाएगा। ऐसा करते पाया जाता है तो संबंधित आबकारी निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन बैठक से निकलते ही अफसरों ने आबकारी मंत्री के आदेश को कूड़े में डाल दिया।

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