लोकसभा चुनाव: भाजपा के अभेद्य किला कब्जाने, पटौदी खानदान की बहू करीना कांग्रेस के टिकट पर भोपाल से लड़ेंगी चुनाव?…

राजनीति और बॉलीवुड का पुराना नाता रहा है. आज भी लोकसभा और राज्यसभा में कई अभिनेता अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. अमिताभ बच्चन से लेकर विनोद खन्ना, शत्रुघ्न सिन्हा और मनोज तिवारी समेत अनेकों कलाकार नेतागिरी में अपने जलवे बिखेर चुके हैं. ताजा खबर है कि सैफ अली खान की पत्नी और बॉलीवुड की ग्लैमर गर्ल करीना कपूर खान कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं.

हालांकि, करीना या सैफ ने इस बारे में कोई एलान नहीं किया है, लेकिन कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेताओं ने इसकी डिमांड अपने आलाकमान से की है. आलाकमान से कहा गया है कि करीना कपूर भोपाल संसदीय सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने का माद्दा रखती हैं. इस सीट पर 40 साल से भाजपा का कब्जा है. करीना के ग्लैमर और भोपाल से उनके रिश्ते को भुनाने की तमाम कोशिशों में कांग्रेसी जुट गये हैं.

एक न्यूज वेबसाइट की मानें, तो भोपाल के दो दर्जन से अधिक पार्षदों ने खुलकर कहा है कि भोपाल सीट भाजपा से छीननी है, तो करीना कपूर को यहां से चुनाव लड़ाना चाहिए. पार्षदों ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख कमलनाथ को भी अपनी मांग से अवगत करा दिया है. पार्षदों ने दलील दी है कि भाजपा के अभेद्य किले में पैठ बनानी है, तो पटौदी खानदान की बहू करीना को कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ाया जाये. वह भाजपा को हरा सकती हैं.

पार्षदों ने कहा है कि यह सबसे मुफीद मौका है. मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने से पार्टी कार्यकर्ता बेहद उत्साहित हैं. पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्साह, पटौदी खानदान के प्रभाव और करीना के ग्लैमर से आगामी लोकसभा चुनाव में भोपाल सीट को जीता जा सकता है. भोपाल में युवा मतदाताओं की संख्या ज्यादा है. करीना यूथ की आइकॉन हैं और चुनावों में वह वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करेंगी. चूंकि वे नवाब खानदान से ताल्लुक रखती हैं, इसका भी फायदा पार्टी को मिलेगा.

पार्षद गुड्डू चौहान ने कहा है कि भोपाल के 27 कांग्रेस पार्षद हैं. ये भोपाल की 50 फीसदी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं. सबने मिलकर मुख्यमंत्री से मुलाकात का वक्त मांगा है. सीएम से करीना कपूर खान को टिकट देने की मांग की जायेगी. वहीं, भोपाल से मौजूदा भाजपा सांसद आलोक संजर कहते हैं कि भोपाल सीट बीजेपी का गढ़ है. कांग्रेस का कोई भी टोटका उसे यहां से कभी नहीं जिता पायेगा. इस बार भी भोपाल सीट पर भाजपा प्रत्याशी ही जीतेगा.

खुद पटौती हार गये थे चुनाव

भोपाल संसदीय क्षेत्र भाजपा का गढ़ माना जाता है. इस गढ़ को फतह करने के लिए कांग्रेस ने कई दांव चले, लेकिन फिट नहीं बैठा. यहां तक कि भोपाल के नवाब पर लगाया गया दाव भी कांग्रेस को नहीं जिता पाया. एक दफा नवाब मंसूर अली खां पटौदी को कांग्रेस ने मैदान में उतारा, लेकिन वह हार गये. नवाब पटौदी की पत्नी शर्मिला टैगोर राजनीति में सक्रिय रहीं. चुनाव प्रचार के लिए भोपाल आती रहीं हैं. कई बार उन्हें चुनाव के मैदान में उतारने की चर्चा हुई, लेकिन वह चुनावी राजनीति से दूर रहीं.

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