राजनीति

राजस्थान सियासत में नया मोड़: कांग्रेस के बाद भाजपा में भी मचा घमासान, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दिया ये बड़ा बयान…

राजस्थान के सियासी संकट अब एक नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की दिल्ली में सक्रियता ने प्रदेश भाजपा नेताओं की चिंता बढ़ा दी है। वसुंधरा राजे ने शनिवार को केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सहित कई नेताओं से मुलाकात की। इससे पहले शुक्रवार को वसुंधरा राजे ने पार्टी अध्यक्ष जे.पी.नड्डा से मुलाकात की थी। वसुंधरा राजे का अगले दो-तीन दिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात का कार्यक्रम है।

ऐसे में अब कांग्रेस के बाद BJP में भी घमासान चलता नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक वसुंधरा राजे ने केंद्रीय नेतृत्व को साफ शब्दों में कह दिया है कि आरएलपी के हनुमान बेनीवाल के साथ पार्टी का एलायंस खत्म किया जाए अन्यथा पार्टी बड़ा नुकसान झेलने के लिए तैयार रहे।

सूत्रों की मानी जाए तो वसुंधरा राजे ने पार्टी नेतृत्व को यह भी इशारा कर दिया है कि जिस तरह से हनुमान बेनीवाल ने उनकी छवि खराब करने के लिए उनके ऊपर कांग्रेस से सांठ-गांठ के आरोप लगाये थे, वो बिल्कुल ना काबिले बर्दाश्त है। इसलिए बीजेपी हनुमान बेनीवाल के साथ गठबंधन तुरंत प्रभाव से खत्म करे, नहीं तो वे पार्टी में नहीं रहेगी।

सूत्रों की माने तो केंद्रीय नेतृत्व आरएलपी से गठबंधन समाप्त करने के अलावा उनको संसदीय बोर्ड में स्थान देकर उनका मान और सम्मान बरकरार रखने की कोशिश कर सकती है, जिस तरीके से वसुंधरा राजे के तेवर देखे जा रहे हैं, उससे लगता है कि बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व उनकी बातों से सहमत होकर आरएलपी से संबंध समाप्त कर उनको केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी दे सकता है। 

सूत्रों के मुताबिक, इस बार भी केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के दौरान वसुंधरा राजे ने केंद्रीय नेतृत्व को साफ तौर से कह दिया है कि पार्टी को संगठित और मजबूत रखना है तो उनकी बातों को तवज्जो देनी पड़ेगी। वसुंधरा राजे ने केंद्रीय नेतृत्व को साफ तौर से अवगत करा दिया है कि जिस तरीके से उनको दरकिनार कर कई फैसले लिए जा रहे हैं, वे बिल्कुल पार्टी के हित में नहीं है। 

सूत्रों के मुताबिक, नड्डा के बाद राजनाथ सिंह को भी वसुंधरा राजे ने विश्वास दिलाया कि वे पार्टी के हर फैसले के साथ हैं। पार्टी नेतृत्व जैसा चाहेगा वैसा, वो करेंगी, लेकिन स्वाभिमान ने समझौता नहीं हो सकेगा। उन्होंने प्रदेश संगठन एवं विधायक दल में लिए जा रहे फैसलों पर नाराजगी जताई। खबर है कि वसुंधरा राजे संगठन महामंत्री बी एल संतोष से भी मिल चुकी हैं।

उल्लेखनीय है कि वसुंधरा राजे ने कांग्रेस में मचे घमासान पर एक लंबे वक्त तक इस चुप्पी साध रखी थी, इसे लेकर भाजपा में चर्चाओं का बाजार गरम था। पिछले महीने जब प्रदेश में भाजपा कांग्रेस के खिलाफ सियासी दांव चलने की तैयारी कर रही थी, तो इस दौरान वसुंधरा राजे इन बैठकों से गायब थीं। वसुंधरा राजे 12 अगस्त तक दिल्ली में ही रहेंगी और 13 को जयपुर लौटेंगी।

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