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2011-12 में छिनने वाली थी धोनी की कप्तानी, जानिए पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन ने कैसे बचाया…

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त की शाम को इंटरनैशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। धोनी भारतीय क्रिकेट...

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त की शाम को इंटरनैशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। धोनी भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शुमार हैं। वो इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिनकी कप्तानी में टीम ने तीन आईसीसी ट्रॉफी जीती हैं। दुनिया का कोई और कप्तान ऐसा नहीं कर सका है। धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2011 वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी खिताब जीता। धोनी को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि 2011-12 सीजन में उन्होंने धोनी की कप्तानी छिनने से बचाया था।

भारत को 2011 में वर्ल्ड चैंपियन बनाने के बाद धोनी की गिनती दुनिया के महान कप्तानों में होने लगी थी, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन गिरा। भारत को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में वाइटवॉश का सामना करना पड़ा था। इसके बाद सिलेक्टर्स वनडे ट्राई सीरीज के लिए धोनी की जगह किसी और को कप्तान बनाना चाहते थे। उस समय बीसीसीआई अध्यक्ष रहे श्रीनिवासन छुट्टी पर थे। वो दफ्तर लौटे और उन्होंने धोनी की कप्तानी छिनने से बचाई। श्रीनिवासन ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘2011 की बात है, भारत ने वर्ल्ड कप जीता था और फिर ऑस्ट्रेलिया में हम टेस्ट सीरीज में अच्छा नहीं कर पाए थे, तो एक सिलेक्टर थे जो धोनी को वनडे कप्तानी से हटाना चाहते थे। सिलेक्टर ने यह भी नहीं सोचा था कि धोनी की जगह कप्तान बनाना किसे है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘सिलेक्टर्स ने यह भी नहीं सोचा था कि वो किसको कप्तान बनाएंगे। इस बारे में चर्चा हो रही थी और फिर फॉर्मल मीटिंग से पहले मैंने कहा कि ऐसी कोई स्थिति नहीं होगी कि वो कप्तान के तौर पर ना खेलें। मैं छुट्टी पर था और गोल्फ खेल रहा था, मैं वापस आया, उस समय बीसीसीआई सेक्रेटरी संजय जगदले ने मुझसे कहा था- सिलेक्टर्स धोनी को कप्तान चुनने से मना कर रहे हैं, वो कह रहे हैं कि धोनी खिलाड़ी के तौर पर टीम में रहेंगे। मैं आया और मैंने कहा धोनी कप्तान रहेंगे’

पहले बीसीसीआई के कॉन्स्टीट्यूशन के मुताबिक टीम सिलेक्शन के लिए बीसीसीआई अध्यक्ष का आखिरी अप्रूवल जरूरी होता है। लोढ़ा कमिटी के बाद हालांकि सिलेक्शन कमिटी अब सिलेक्शन मामलों में आखिरी फैसला ले सकती है। श्रीनिवासन ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि वो धोनी की कप्तानी छिनने से उन्हें बचा सके।

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