प्रणब मुखर्जी को ‘भारत रत्न’: राहुल बोले- कांग्रेस पार्टी को गर्व,’आप’ ने कहा- संघ की शाखा में जाओ और…

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रसिद्ध संगीतकार-गायक भूपेन हजारिका और भारतीय जनसंघ के नेता व समाजसेवी नानाजी देशमुख को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ प्रदान किया जायेगा. इस ऐलान पर विवाद शुरू हो चुका है. आम आदमी पार्टी के नेता और सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया कि भाजपा की भारत रत्न योजना “एक बार संघ की शाखा में जाओ भारत का रत्न बन जाओ” मज़ाक़ बना दिया भारत रत्न का. भारत रत्न: स्व.नाना जी देशमुख पूर्व सांसद भाजपा समाजसेवी, स्व.भूपेन हज़ारिका पूर्व अद्दभूत गायक, आदरणीय प्रणव दा पूर्व राष्ट्रपति और संघ के कार्यक्रम में शामिल.

अपने अगले ट्वीट में संजय सिंह ने लिखा है कि नेता जी सुभाष चन्द्र बोस, शहीदे आज़म भगत सिंह, डॉ. राम मनोहर लोहिया, स्व. ध्यानचंद को आज तक भारत रत्न नही, नानाजी देशमुख, भूपेन हज़ारिका और आप के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द करने का मामला आगे बढ़ाने वाले संघ के प्रशंसक प्रणव दा को भारत रत्न.

इधर, कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि प्रणब मुखर्जी दा को ‘भारत रत्न’ की बधाई… कांग्रेस को इस पर ‘काफी गर्व’ है कि हमारे एक नेता की जन सेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान को पहचाना गया, हम इससे सम्मानित महसूस कर रहे हैं. अपने लंबे राजनीतिक जीवन में प्रणब जी ने देश और समाज की सेवा की है.

20 वर्ष बाद दो से ज्यादा हस्तियों का चयन

1999 में सितार वादक पंडित रविशंकर, अर्थशास्त्री डॉ. अमर्त्य सेन और स्वतंत्रता सेनानी रहे गोपीनाथ बोरदोलोई को इस सम्मान के लिए चुना गया था. इसके बाद 2019 में तीन लोगों का चयन इस सम्मान के लिए किया गया है.

प्रणब मुखर्जी

कांग्रेस के बड़े नेताओं में शुमार प्रणब मुखर्जी 2012 से 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति थे. अपने पांच दशकों के राजनीतिक जीवन में वह कई अहम पदों पर रहे. यूपीए सरकार में वह रक्षा, विदेश और वित्त मंत्री भी थे.

नानाजी देशमुख

चंडिकादास अमृतराव देशमुख को नानाजी देशमुख के नाम से भी जाना जाता है. नानाजी देशमुख भारत के एक सामाजिक कार्यकर्ता थे. उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में काम किया.

डॉ भूपेन हजारिका

भूपेन हजारिका, असम के गीतकार, संगीतकार, गायक, कवि और फिल्म-निर्माता थे. उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर असम और पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति और लोक संगीत को हिंदी सिनेमा के माध्यम से पेश किया था.

प्रणब दा हमारे समय के एक उत्कृष्ट राजनेता हैं. उन्होंने दशकों तक देश की नि:स्वार्थ सेवा की है. भूपेन के गीत और संगीत न्याय, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देते हैं. नानाजी के योगदान को भी भूला नहीं जा सकता.
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

क्या है भारत रत्न सम्मान

1954 में इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान की शुरुआत की गयी थी. यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है. इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है. इसकी स्थापना तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गयी थी.

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