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डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पास, 10 रिपब्लिकन सांसदों ने भी किया वोट…जानें: कैसे होती है महाभियोग की कार्यवाही?

डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के पहले ऐसे राष्ट्रपति बन गए हैं जिनके खिलाफ एक कार्यकाल में दूसरी बार महाभियोग प्रस्ताव पास हुआ है। पिछले सप्ताह अमेरिकी कैपिटल हिल में ट्रंप समर्थकों के घातक हमले को लेकर अमेरिकी संसद में देश के निवर्तमान राष्ट्रपति डोलाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के लिए सत्र की कार्यवाही शुरू हुई। अमेरिकी संसद में लंबी बहस के बाद सदन के अधिकांश सदस्यों ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने के पक्ष में वोट दिया। बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कार्यकाल 20 जनवरी, 2021 को खत्म हो रहा है लेकिन उससे पहले ही उन्हें दूसरी बार अपने कार्यकाल में महाभियोग का सामना करना पड़ा है।

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए पछ में 232 वोट पड़े, इसमें से 10 ऐसे रिपब्लिकन सांसद भी थे जिन्होंने महाभियोग के पक्ष में वोट दिया। अमेरिकी संसद में यह दूसरी बार है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव हुआ पास हुआ है। अब 19 जनवरी, 2021 को सीनेट में इस प्रस्ताव को लाया जाएगा। इस बीच सीनेट में बहुमत के नेता मिच मैककोनेल ने एक बयान में स्पष्ट किया कि ट्रंप के खिलाफ महाभियोग 20 जनवरी से पहले नहीं चलेगा। बता दें कि इसी दिन जो बाइडेन राष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण करेंगे।

इन 10 रिपब्लिकन सांसदों ने किया पक्ष में वोट

निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने के पक्ष में जिन 10 रिपब्लिकन सांसदों ने अपना वोट दिया उनमें, डैन न्यूजहाउ, जॉन काटको, जैमी हेरेरा, एडम किंजिंगर, फ्रेड अपटन, लिज चेने, पीटर मीजर, एंथनी गोंजालेज, टॉम राइस और डेविड वलाडाओ का नाम शामिल है। इसके अलावा 222 डेमोकेट्स सांसदों ने भी अमेरिकी संसद परिसर में हिंसा को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के लिए अपना वोट दिया। आपको बता दें कि महाभियोग के लिए सिर्फ 218 मतों की ही जरूरत होती है।

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कैसे होती है महाभियोग की कार्यवाही?

बता दें कि सामान्य तौर पर महाभियोग से पहले जांच की जाती है और सबूतों को न्यायिक समिति के पास भेजा जाता है जो सुनवाई करती है और इसका ड्राफ्ट पूरे सदन को भेजा जाता है। 2019 में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ इस पूरी प्रक्रिया को करने में 3 महीने लगे थे। लेकिन इस बार जब इस कार्यवाही को करने के लिए सिर्फ कुछ ही दिन बचे थे और जैसा कि हिंसा के पहले ट्रंप के भाषण को सभी ने सुना, इसके बाद महाभियोग के लिए डेमोक्रेट हाउस में सीधी वोटिंग की तैयारी की गई।

एक बार जब हाउस में महाभियोग के समर्थन में वोटिंग की जाती है तो इसे और सबूतों को सीनेट के पास भेज दिया जाता है। इसके ऊपर सीनेट में सुनवाई होती है जिसके बाद फाइनल वोटिंग की जाती है जिसमें ये तय होता है कि राष्ट्रपति को महाभियोग के द्वारा हटाया जाएगा या फिर उन्हें बरी करते हुए प्रक्रिया को खारिज कर दिया जाए। पिछली बार सीनेट ने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया को खारिज कर दिया था।

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