छत्तीसगढ़बिलासपुर

जोगी का सरकार पर गंभीर आरोप: डी.के.एस. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में लाण्ड्री संचालन वाली मशीन राजधानी के एक निजी अस्पताल से निकाली गई कबाड़ है…अमित


बिलासपुर। मरवाही विधायक अमित जोगी ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर को पत्र लिख कर डी.के.एस. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शासन प्रशासन द्वारा बरती गयी भारी अनियमितताओं पर सवाल खड़ा किया है। पत्र में अमित जोगी ने लिखा है कि अपने पत्र के माध्यम से वे डी.के.एस. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के भवन पर किये गये अप्रत्याशित खर्च एवं अस्पताल के साजो सामान की गुणवत्ता के संदर्भ में मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।

अमित ने कहा कि अस्पताल के महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील लिनन एवं लाण्ड्री विभाग में कपड़ो की सप्लाई के काम को आउटसोर्स किया गया जबकि भण्डार क्रय अधिनियम में लीलेन कपड़ा खादी ग्रामोद्योग से ही क्रय करना होता है। मुख्यमंत्री ने इस अस्पताल का उद्घाटन 02 अक्टूबर को गाँधी जयंती के पावन अवसर पर किया, खादी ग्रामोद्योग का निर्माण आदरणीय बापू महात्मा गांधी ने ही किया था। खादी ग्रामोद्योग से कपड़े क्रय न कर आऊटसोर्सिग करना बुनकर (देवांगन) समाज के लोगो के साथ अन्याय है। इसी प्रकार लाण्ड्री संचालन के लिए 4 करोड़ रूपये का टर्न ओवर और 12 लाख रूपये की डिपाजिट की शर्त रखे जाने की वजह से छत्तीसगढ़ का धोबी समाज जिसका पैतृक व्यवसाय कपड़ों की धुलाई है, यह समाज इस प्रतिस्पर्धा में भाग लेने से वंचित रह गया क्योकि स्थानीय धोबी समाज के लोगों के पास इतनी पूंजी नहीं है।

जोगी ने आगे शासन की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा है कि क्या शासन छत्तीसगढ़ के परम्परागत व्यवसाय करने वाले धोबी समाज के लोगों की आर्थिक स्थिति से अंजान है? क्या छत्तीसगढ़ के लोगों को शासन अच्छी संस्थाओं में अपनी सेवाएं देते हुए नहीं देखना चाहता है? क्या राज्य सरकार को स्थानीय परंपरागत व्यवसायीयों पर भरोसा नहीं रहा है? जोगी ने आगे सवाल किया कि इतने भारी-भरकम नियम – शर्तें रखने के पीछे सरकार की मंशा यही रही होगी कि कार्य में गुणवत्ता आये और उच्च गुणवत्ता के उपकरण अस्पताल में स्थापित हों, परन्तु उन्हें दी गयी जानकारी अनुसार अस्पताल में लाण्ड्री संचालन के लिए जो मशीन लगायी गयी है वह राजधानी के ही एक निजी अस्पताल से कंडम होने के बाद निकाली गयी कबाड़ की मशीन है जिसको इस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में लगाया गया है। अमित जोगी ने सरकार से पूछा कि क्या यही गुणवत्ता है, जब 4 करोड़ रूपये का वार्षिक टर्न ओवर और 12 लाख रूपये की डिपाजिट निविदा की शर्तों में रखा गया है तो लाण्ड्री संचालन का ठेका किस कंपनी को कितने रूपये में दिया गया है यह भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। साथ ही लाण्ड्री विभाग में कपड़े धुलाई के लिए लगायी गयी मशीन की जांच करवाई जाने की भी मांग अमित जोगी ने की ।

अमित जोगी ने कहा कि शासन द्वारा डी.के.एस. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में बरती गयी अनियमितताओं की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना एक नागरिक एवं जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका कर्तव्य है।अंत में जोगी ने सरकार से आशा की है कि उपरोक्त बिंदुओं को संज्ञान में लेते हुए सरकार त्वरित कार्यवाही करेगी ।