Wednesday, February 25, 2026
Homeछत्तीसगढ़स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के खिलाफ एक्शन के लिए पत्र: कांग्रेस विधायक दल...

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के खिलाफ एक्शन के लिए पत्र: कांग्रेस विधायक दल की बैठक, मंत्रियों-विधायकों ने बताया अनुशासनहीनता…

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के इस्तीफे वाली चिट्‌ठी पर कांग्रेस में बवाल मचा हुआ है। मुख्यमंत्री निवास में हुई विधायक दल की बैठक में 14 मंत्रियों-विधायकों ने सिंहदेव के पत्र में लगाए गए आरोपों पर आपत्ति जताई। पत्र को अनुशासनहीनता कहा गया। सिंहदेव के खिलाफ कार्यवाई की मांग वाले एक पत्र पर भी अधिकांश विधायकों के हस्ताक्षर लिए गए हैं। इसे लेकर प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया दिल्ली जाएंगे।

मुख्यमंत्री निवास में रविवार रात कांग्रेस विधायक दल की बैठक राष्ट्रपति चुनाव के मतदान का प्रशिक्षण देने के सिंगल एजेंडे पर आयोजित थी। बैठक शुरू हुई तो नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया ने टीएस सिंहदेव के इस्तीफे का मामला उठा दिया। डहरिया ने कहा, यह सरकार को अपमानित करने वाली स्थिति है। सरकार अच्छा काम कर रही है। इसके बावजूद ऐसा लिखा जा रहा है, यह बेहद आपत्तिजनक है।

राजिम विधायक अमितेश शुक्ला ने कहा, उनके बाप-दादा के जमाने में भी कभी ऐसा नहीं हुआ। यह ठीक नहीं हो रहा है। भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने यहां तक कह दिया कि यह सरासर अनुशासनहीनता का मामला है। ऐसा पत्र लिखने वाले के खिलाफ अभी और यहीं कार्यवाही होनी चाहिए।

खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा, हमारे आदिवासी विधायक बृहस्पत सिंह ने इनके लिए कुछ बोल दिया था तो सदन में माफी मांगनी पड़ी। ये बोल रहे हैं तो कुछ नहीं! विधायक डॉ. विनय जायसवाल, विनोद चंद्राकर, चंद्रदेव राय, द्वारिकाधीश यादव, कुलदीप जुनेजा, शिशुपाल शोरी, रेखचंद जैन, कुंवर सिंह निषाद और आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने भी अनुशासनहीनता पर कार्यवाही की मांग वाली ऐसी ही बातें कहीं।

आहत हैं विधायक, अब फैसला हाई कमान के हाथ

बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा में संसदीय कार्य मंत्री और सरकार के प्रवक्ता रविंद्र चौबे ने कहा, यह बड़ा मामला है। महाराज साहब (टीएस सिंहदेव) ने जिस तरीके से पत्र लिखा है, उस पर अधिकांश विधायकों ने प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है। सिंहदेव ने अपने विभाग छोड़ने के जो कारण गिनाए हैं, उसकी वजह से अधिकांश विधायक आहत महसूस कर रहे थे। पुनिया के समक्ष उन्होंने अपनी बातें रखी हैं। चौबे ने कहा, पुनिया जी यहां हाईकमान के प्रतिनिधि हैं, वे वहां अपनी बात रखेंगे। मैं समझता हूं उसके बाद कोई सम्मानजनक हल निकलेगा।

पत्र पर हस्ताक्षर लिए गए

विधायक दल की बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री की ओर से विधायकों को रात्रि भोज दिया गया। इसी दौरान सभी विधायकों के सामने पहले से तैयार एक पत्र आया। इस पर वहां मौजूद विधायकों के हस्ताक्षर लिए गए। बताया जा रहा है, कई लोगों ने पत्र में क्या लिखा है यह पढ़े बिना ही बस हस्ताक्षर कर दिए। बताया जा रहा है कि इसी पत्र को विधायक दल की ओर से हाईकमान को भेजा जाएगा।

बैठक में नहीं आने पर भी उठे सवाल

बताया जा रहा है, कुछ विधायकों ने टीएस सिंहदेव के विधायक दल की बैठक में नहीं आने पर भी सवाल उठाए। इसे तूल नहीं दिया गया। मुख्य आक्रमण, पत्र की भाषा और अपनी ही सरकार की निर्णयों पर सार्वजनिक सवाल उठाने पर केंद्रित था। टीएस सिंहदेव की ओर से बताया गया, निर्धारित प्रवास कार्यक्रम की वजह से उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में 18 जुलाई को पहुंचने की जानकारी विधायक दल के सचिव राजेश तिवारी को पहले ही उपलब्ध करवा दिया था।

शनिवार शाम इस्तीफा, रविवार को बनी रणनीति

मंत्री टीएस सिंहदेव ने शनिवार शाम को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से इस्तीफे की घोषणा की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चार पेज का एक पत्र लिखा है। इसमें विभाग में लगातार दखल और उनके प्रस्तावों पर काम नहीं होने की गंभीर शिकायतें हैं। इस पत्र में उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि वे पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के भार से खुद को पृथक कर रहे हैं।

इस पत्र के बाद संगठन और सरकार में एक तरह से सन्नाटा पसरा रहा। रविवार सुबह जैन समाज के एक कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उन्हें पत्र ही नहीं मिला है। पत्र मिले तो उसका परीक्षण कराएंगे। बताया जा रहा है, दोपहर बाद खास विधायकों की बैठक में सिंहदेव के विरोध में हाईकमान को पत्र भेजने की पटकथा तैयार हुई।

spot_img

advertisement

spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts

error: Content is protected !!
Latest
Verified by MonsterInsights