Saturday, April 11, 2026
Homeछत्तीसगढ़गेड़ी चढ़ने और नाचने से नहीं होगा विकास, हड़ताली कर्मियों से जनपद...

गेड़ी चढ़ने और नाचने से नहीं होगा विकास, हड़ताली कर्मियों से जनपद सीईओ बोले- किसानों की योजना, फायदा ले रहे नेता…

छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारी 34% महंगाई भत्ता और एचआरए की मांग को लेकर पिछले 9 दिनों से हड़ताल पर हैं। प्रदेशभर में कर्मचारी अपनी मांग को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। कांकेर जिले के अंतागढ़ जनपद के सीईओ पीआर साहू का विवादित बयान भी सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। मंच से मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने माइक थामा और कह दिया कि हमारे मुख्यमंत्री को गेढ़ी चढ़ने और नाचने से फुर्सत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के लिए बनी सरकारी योजनाएं नेताओं के फायदे के लिए है। वीडियो सामने आने के बाद कलेक्टर ने सीईओ को नोटिस जारी किया है।

प्रदेश के कर्मचारी और अधिकारी डीए-एचआरए बढ़ाने आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेश के सभी जिला, ब्लॉकों में कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी कर रहे हैं। मंगलवार को कांकेर जिले के अंतागढ़ में धरने पर बैठे अधिकारी-कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जनपद पंचायत के सीईओ पीआर साहू ने विवादित बयान दे दिया। देखते ही देखते उनका यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया। वीडियो में पीआर साहू कह रहे हैं कि हम केवल नेताओं के कार्यक्रम में भीड़ एकत्रित कर उनसे तालियां बजवाते हैं। जिस दिन हम सच्चाई लोगों को बताने लग जायेंगे उस दिन क्या होगा।

अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचता ही नहीं

पीआर साहू ने छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना धान खरीदी और गोबर खरीदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार द्वारा जितनी भी योजनाएं बनाई जाती हैं, उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता ही नहीं है। हक़ीक़त में इन योजनाओं का लाभ बड़े लोगों को मिलता है, जिनमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और रविंद्र चौबे जैसे मंत्री शामिल हैं। अंतिम व्यक्ति के पास 10 एकड़ भी जमीन नहीं होता। वहीं मंत्रियों के पास सौ एकड़ से अधिक जमीन होती है। अधिकारी के बोल यहीं नहीं थमे उन्होंने मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कभी गेड़ी चढ़ते हैं तो कभी पोला तिहार में नाचते हैं। इससे छत्तीसगढ़ का विकास संभव नहीं है।

वीडियो वायरल होते ही जारी किया नोटिस

कांकेर कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के एक घंटे के भीतर ही उन्होंने संबंधित अधिकारी को शोकाज नोटिस जारी कर दिया है। इस मामले की जांच करने तीन सदस्यीय टीम का गठन भी किया गया है। टीम में ज्वाइंट कलेकटर जीएस नाग, अंतागढ़ एसडीएम केएस पैंकरा और ट्रेजरी अधिकारी रामानंद कुंजाम को शामिल किया गया है। जांच दल को निर्देशित किया गया है कि शुक्रवार तक जांच रिपोर्ट पेश किया जाये। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद इसे बस्तर कमिश्नर को कार्यवाही के लिए भेजा जायेगा।

spot_img

advertisement

spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts

error: Content is protected !!
Latest
Verified by MonsterInsights