Tuesday, March 24, 2026
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गुटखा नही पुरानी रंजिश के चलते की थी हत्या, पिता को भी मारने का था प्लान…यूपी भागने वाले थे आरोपी…तीन हुए गिरफ्तार… 

बिलासपुर। पचपेड़ी में 17 साल के लड़के की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है। हमलावर युवक पुरानी रंजिश रंजिश के चलते बेटे के साथ ही पिता को भी मौत के घाट उतारने के प्लानिंग से पहुंचे थे। डबल मर्डर की वारदात को अंजाम देने के लिए उन्होंने पिस्टल से दो बार फायरिंग भी किया। लेकिन, ऐन वक्त पर पिस्टल ने धोखा दे दिया और दूसरा राउंड पिस्टल में फंस गया, जिसके कारण मिस फायर हो गया और मृतक लड़के के पिता की जान बच गई। अब पुलिस ने हत्या की वारदात में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पचपेड़ी क्षेत्र के मानिकचौरी निवासी मंगतूराम अजय (43) किराना दुकान चलाते हैं। घर में उसकी पत्नी सरोजनी (39) अनीश अजय (17) और नेहा अजय (12) रहते हैं। रविवार की रात करीब करीब 9 बजे दुकान गांव के ही दो बदमाश युवक भूपेंद्र पोर्ते और नंदू उर्फ नंदकिशोर साहू गुटखा लेने पहुंचे थे। मंगतूराम का बेटा अनीश उन्हें गुटखा देने के लिए निकला। इस दौरान पैसे देने से मना करने पर उनका झगड़ा शुरू हो गया।

योजना बनाकर गुटखा लेने गए थे हत्यारे

एसएसपी पारुल माथुर ने बताया कि आरोपियों से मंगतूराम का पुराना विवाद था। होली पर्व के दौरान उनके बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद दो माह पहले भी विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते नंदू साहू और भूपेंद्र पोर्ते ने हत्या करने की योजना बनाकर गुटखा खरीदने पहुंचे थे। गुटखा लेने के बाद पैसे न देने के बहाने उन्होंने जानबुझकर विवाद शुरू किया। ईंट से हमला करने के साथ ही अनीश को गोली मारने के बाद हमलावरों ने मंगतूराम को भी निशाना बनाया और फायरिंग की। लेकिन, सही समय पर पिस्टल में गोली फंस गया और फायर नही हुआ। गोली मारने के बाद दोनों आरोपी बाइक से भाग निकले।

SSP ने टीम को किया पुरस्कृत: गोलीकांड की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों को पकड़ने के लिए SSP माथुर ने 17 सदस्यीय टीम गठित की थी, जिसमें ACCU प्रभारी हरविंदर सिंह के नेतृत्व में टीम आरोपियों के रिश्तेदार और परिचितों के ठिकानों में लगातार दबिश दे रही थी। आरोपियों को पकड़ने में सक्रियता दिखाने वाले सभी सदस्यों को SSP ने शाबाशी दी। इसके साथ ही उन्हें प्रशस्ती पत्र देकर सम्मानित किया है। उन्होंने पांच हजार रुपए इनाम की घोषणा भी की थी, जिसे टीम के सभी सदस्यों में बांट दिया है।

दोस्ती निभाने बन गया आरोपी: पुलिस ने सबसे पहले नंदू साहू और भूपेंद्र पोर्ते के बलौदाबाजार के रसेड़ा निवासी वीर सिंह को देर शाम पकड़ा। तब तक वह हत्यारे दोस्तों की मदद कर चुका था। उसने बताया कि नंदू और भूपेंद्र उसके घर आए थे। उन्होंने पिस्टल और बाइक को उसके पास रखवाया है।

वह उन्हें छोड़ने के लिए भाटापारा स्टेशन गया था और दोनों को सारनाथ एक्सप्रेस में बैठाकर आ गया है। इतना सुनते ही पुलिस अफसरों के कान खड़े हो गए और सारनाथ एक्सप्रेस का पीछा करना शुरू कर दिया। इस पूरे हत्याकांड में वीर सिंह वह सख्श है, जो दोस्ती की खातिर अपराधी बन गया। जबकि, इस वारदात से उसे प्रत्यक्ष रूप से कोई लेनादेना ही नहीं था। आरोपी नंदू साहू की उसके ससुरालवालों ने भी मदद नहीं की और उन्हें भगा दिया।

आरोपियों को पकड़ने ये रही सक्रिय

इस पूरी कार्रवाई में एडिशनल SP राहुल देव शर्मा, ACCU प्रभारी निरीक्षक हरविंदर सिंह, निरीक्षक मोहन भारद्वाज, मस्तूरी थाना प्रभारी प्रकाशकांत, सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक परिवेश तिवारी, सकरी थाना प्रभारी सागर पाठक, तोरवा थाना प्रभारी फैजूल होदा शाह, मल्हार चौकी प्रभारी प्रताप सिंह ठाकुर, दाऊलाल बरेठ, हवलदार तेज कुमार रात्रे , आरक्षक हरिशंकर चद्रा, भूपेन्द्र सिंह, शिवधन बंजारे, सद्दाम पाटले, दिनेश धृतलहरे, प्रसाद सिन्हा, अजय वारे, जीवन साहू, बलबीर सिंह, देवमुन पुहुप, दीपक उपाध्याय, विवेक राय, सत्या पाटले, प्रशांत सिंह, हेमंत सिंह सहित अन्य शामिल रहे।

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