बिलासपुर। 10 साल पहले एक व्यक्ति की हत्या के मामले में दो युवक जेल से बाहर आए, दो दिन पहले इन्हें मृतक के बेटों ने जान से मारने की धमकी दी, तीसरे दिन फरसा से ताबड़तोड़ हमला कर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस दो भाईयों को हिरासत में ले लिया है। मुख्य आरोपी तीसरा भाई फरार है। पुलिस उसकी सरगमीं से तलाश कर रही है।
सरकण्डा थाना ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि लगरा निवासी संतोष केंवट व उसके बेटे छतराम केंवट ने 10 साल पहले जमीन विवाद पर चचेरे भाई तिलक केंवट की हत्या कर दी थी। 8 साल जेल में रहने के बाद पिता पुत्र छूटकर बाहर आए हैं। संतोष केंवट कमाने खाने के लिए पुणे चला गया। छतराम केंवट घर में रहकर रोजी मजदूरी करने लगा। वहीं मृतक आरोपी जितेन्द्र की मां को टोनही बोला करता था।
इस पर दो दिन पहले 17 अगस्त को मृतक तिलक कंवट का बेटा जितेन्द्र केंवट घर जाकर छतराम केंवट को पिता की हत्या करने पर उसे हत्या करने की धमकी देकर आया था। 19 अगस्त को दोपहर एक बजे छतराम केंवट गोपाल नामक व्यक्ति से पैसा लेकर बाइक से घर लौट रहा था। अपने घर के पास जितेंद्र केंवट, उसका भाई धर्मेन्द्र, हेमंत केंवट फरसा लेकर निकले और उस पर हमला कर दिया, जिससे वह खून से लथपथ होकर बाइक सहित गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गईं।
दो भाई हिरासत में
दिनदहाड़े हत्या की वारदात से गांव में सनसनी फैल गईं। स्रचना पर पुलिस मौके पर पहुंची छतराम केंवट की लाश पड़ी थी। परिजन से पूछताछ करने बाद पुलिस ने गांव में दबिश देकर हमलावर धर्मेनद्र केंवट व हेमंत केंवट को हिरासत में ले लिया है। वहीं मुख्य आरोपी जितेन्द्र कंवट फरार है। पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।


