बिलासपुर के सरकण्डा पुलिस ने एक महीने पूर्व दर्ज धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी विक्की उर्फ विजय आहुजा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर कार किराए पर लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे बेचने का आरोप है। इस धोखाधड़ी को आरोपी ने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने पहले ही इस प्रकरण के एक अन्य आरोपी पवन खत्री को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि विक्की फरार चल रहा था।
मामला तब सामने आया जब 3 जनवरी 2024 को पीड़िता ने सरकण्डा थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, पीड़िता की सास श्रीमती शांति मिश्रा के नाम पर पंजीकृत स्विफ्ट डिज़ायर कार (CG10 BF 4115) को पवन खत्री नामक व्यक्ति ने 26,000 रुपये मासिक किराये पर लिया था। इसके बाद पवन ने उक्त कार को आकाश मिश्रा नामक व्यक्ति को 3 लाख रुपये में बेच दिया। इस सौदे के लिए पवन खत्री ने पीड़िता की सास के खाते में 3 लाख रुपये भी डलवाए थे। जब पीड़िता ने पवन से इस पैसे को वापस करने के लिए कहा, तो उसने 2,74,000 रुपये वापस कर दिए, जबकि बाकी पैसे किराये के रूप में काट लिए।
जांच में यह सामने आया कि पवन खत्री ने अपने रिश्तेदार विक्की उर्फ विजय आहुजा के साथ मिलकर पीड़िता की सास के फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए थे। फर्जी फोटो और हस्ताक्षर लगाकर उन्होंने आकाश मिश्रा के पास कार की बिक्री कर दी थी। पुलिस ने मामले में पहले ही पवन खत्री को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन विक्की आहुजा फरार था।
सरकण्डा पुलिस की एक टीम ने विक्की आहुजा की तलाश में रायपुर में छापा मारा और उसे चंगोरापाठा इलाके से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस ने इस मामले के जरिए धोखाधड़ी करने वाले लोगों को सख्त चेतावनी दी है कि ऐसे अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कैसे धोखाधड़ी करने वाले फर्जी दस्तावेजों के सहारे भोले-भाले लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की गई है, जिससे लोगों को ऐसे अपराधियों से सतर्क रहने की जरूरत है।


