Monday, March 23, 2026
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सिल्वर ओक बार में चाकूबाज़ी करने वालों पर कार्रवाई: 2 आरोपी गिरफ़्तार, बाउंसर और कर्मचारियों ख़िलाफ़ भी कार्यवाही…

बिलासपुर। सिविल लाइन थाना पुलिस ने सिल्वर ओक बार में हुई चाकूबाजी की घटना पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 29 सितंबर 2024 की रात हुई थी, जब बार में मौजूद लोगों के बीच झगड़ा हुआ, और आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। इस मामले में शामिल मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं और उनकी गिरफ्तारी के साथ-साथ घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया गया है।

प्रार्थी निलेश लहरे (22) ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह और उसके साथी राहुल डाहिरे और अमितेश कारे 29 सितंबर को रात लगभग 10:20 बजे सिल्वर ओक बार में गए थे। रात करीब 11 बजे क्लब में डांस करने के दौरान अभिषेक एंथोनी और उसके अन्य साथियों के साथ धक्का-मुक्की हो गई। इस मामूली विवाद ने जल्दी ही हिंसक रूप ले लिया, जब अभिषेक एंथोनी और उसके साथियों ने गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी। जब अमितेश और राहुल ने इसका विरोध किया, तो अभिषेक एंथोनी ने चाकू से हमला कर दिया।

इस हमले में अमितेश कारे को कमर और पीठ पर गंभीर चोटें आईं, जबकि राहुल डाहिरे के सीने और पेट पर भी चाकू के वार से खून निकलने लगा। दोनों को बचाने की कोशिश में उनके अन्य साथी भी चोटिल हुए। इस हमले के बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप और नगर पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता के मार्गदर्शन में सिविल लाइन पुलिस ने आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा। आरोपियों की पहचान अभिषेक एंथोनी (22) और मेदूरी कामेश (34) के रूप में की गई है। पुलिस ने अभिषेक एंथोनी के कब्जे से चाकू भी जब्त कर लिया। दोनों आरोपियों को 30 सितंबर 2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

 

इस घटना के बाद बार प्रबंधन की लापरवाही भी सामने आई, क्योंकि बार के बाउंसर और कर्मचारी घटना के वक्त मौजूद थे, लेकिन उन्होंने समय रहते पुलिस को सूचना नहीं दी। इस आधार पर बार के बाउंसर देव प्रसाद भास्कर, सैयद समीर अली और शेख सारिक के खिलाफ भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।

बिलासपुर पुलिस ने जनता से अपील की है कि ऐसे किसी भी प्रकार के सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले हिंसक झगड़ों से बचें और यदि किसी घटना का सामना हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस की इस तेजी से की गई कार्रवाई ने असामाजिक तत्वों को यह संदेश दिया है कि कानून के खिलाफ जाने वालों के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

यह घटना इस बात की मिसाल है कि कानून और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस तत्पर है, और असामाजिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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