बिलासपुर। संभागायुक्त महादेव कावरे ने बिलासपुर, मुंगेली, और जांजगीर-चाम्पा जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं और धान खरीदी केंद्रों का व्यापक निरीक्षण किया। दौरे के दौरान उन्होंने सरकारी कार्यों के क्रियान्वयन का गहन अवलोकन किया, जिसमें धान खरीदी केंद्रों में तौल में गड़बड़ी और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की अनुपस्थिति जैसी गंभीर खामियां पाई गईं।
धान खरीदी केंद्रों में गड़बड़ी: मुंगेली जिले के चंदखुरी धान खरीदी केंद्र में निरीक्षण के दौरान, कमिश्नर कावरे ने तौल में गड़बड़ी पाई। निरीक्षण के समय 40 किलोग्राम के बोरे में 41.33 किलोग्राम का वजन निकला, जो तय मानकों से अधिक था। इस गड़बड़ी को गंभीर मानते हुए, उन्होंने तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। खरीदी प्रभारी भुवनेश्वर साहू को तुरंत हटाने और निलंबित करने के निर्देश सहायक पंजीयक सहकारिता को दिए गए। कमिश्नर ने यह स्पष्ट किया कि किसानों से सही मात्रा में ही धान की तौल होनी चाहिए, और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आंगनबाड़ी में बच्चों की अनुपस्थिति: जांजगीर-चाम्पा जिले के अमरताल गांव के आंगनबाड़ी केंद्र 2 में निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने पाया कि वहां एक भी बच्चा उपस्थित नहीं था। यह गंभीर लापरवाही थी, क्योंकि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। इस लापरवाही के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर, श्रीमती अनिता साहू को तत्काल निलंबित कर दिया गया। यह कार्रवाई ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश है।
शासकीय योजनाओं का अवलोकन: कमिश्नर कावरे ने अपने दौरे में शासकीय योजनाओं के फील्ड स्तर पर क्रियान्वयन का जायजा लिया। उन्होंने निर्वाचक नामावली के संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्य का निरीक्षण किया और यह सुनिश्चित किया कि मतदाता सूचियों का सही तरीके से पुनरीक्षण हो रहा है। इसके अलावा, उन्होंने स्कूलों और अन्य सरकारी संस्थानों का भी निरीक्षण किया। सरगांव स्थित शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय और आत्मानंद बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण करते समय उन्होंने विद्यालयों की शैक्षिक स्थिति और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की।
किसानों की सुविधा और सीसीटीवी कैमरे: तिलई और चंदखुरी धान खरीदी केंद्रों में निरीक्षण के दौरान, कमिश्नर ने किसानों की समस्याओं को भी सुना। उन्होंने धान खरीदी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निर्देश दिए, साथ ही सभी खरीदी केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात कही ताकि तौल प्रक्रिया की निगरानी हो सके।
कमिश्नर कावरे के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति को जमीनी स्तर पर समझना और त्वरित सुधारात्मक कदम उठाना था। उनकी त्वरित कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
संभागायुक्त कावरे का यह दौरा सरकारी तंत्र में सुधार लाने और जिम्मेदारियों का पालन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। धान खरीदी में गड़बड़ी और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की अनुपस्थिति जैसे मुद्दों पर कड़ी कार्रवाई से यह संदेश मिलता है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के सटीक और पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए सतर्क है।


