छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। हाल ही में एसीबी ने एक बड़ी कार्रवाई के तहत छह जिलों में एक साथ छापेमारी कर आय से अधिक संपत्ति मामले में कई सरकारी अधिकारियों और पुलिस कर्मियों पर शिकंजा कसा। इस छापेमारी में गांजा तस्करी में संलिप्त रेलवे पुलिस के तीन सिपाहियों और रिश्वत लेते पकड़े गए एक सहायक लेखा अधिकारी के ठिकानों पर दबिश दी गई।
जीआरपी सिपाहियों पर कार्रवाई
बिलासपुर जिले में एसीबी ने तीन जीआरपी (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) के सिपाहियों – मन्नू प्रजापति, संतोष कुमार राठौर, और लक्ष्मण गाइन के ठिकानों पर छापेमारी की। ये तीनों सिपाही गांजा तस्करी में लिप्त पाए गए थे। एसीबी की जांच में खुलासा हुआ कि इन सिपाहियों ने अपनी सरकारी आय से कहीं अधिक संपत्ति इकट्ठा कर रखी थी। छापेमारी के दौरान इनके घरों से लाखों रुपये के आभूषण, अचल संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों में बड़ी धनराशि और अन्य निवेश से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए गए हैं।
इन सिपाहियों के खिलाफ पहले भी कई संदेहास्पद गतिविधियों में शामिल होने की शिकायतें मिल चुकी थीं, लेकिन अब एसीबी की इस कार्रवाई के बाद उनके खिलाफ सबूत मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
रिश्वतखोरी में लिप्त लेखा अधिकारी
कवर्धा जिले में जनपद पंचायत बोड़ला के सहायक लेखा अधिकारी नरेन्द्र कुमार राउतकर को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। एसीबी की टीम ने इन पर नजर रखी हुई थी और जैसे ही इन्होंने रिश्वत ली, इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
राउतकर के खिलाफ छापेमारी में एसीबी को उनकी संपत्तियों की जानकारी भी मिली है। उनके पास राजनांदगांव और कवर्धा जिलों में कई एकड़ जमीन, प्लॉट और बैंक खातों में भारी रकम होने की जानकारी सामने आई है। यह स्पष्ट हो गया है कि उन्होंने अपनी आधिकारिक आय से कई गुना अधिक संपत्ति जुटाई है।
भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश
छत्तीसगढ़ में एसीबी की यह बड़ी कार्रवाई भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों में लिप्त सरकारी अधिकारियों और पुलिस कर्मियों के खिलाफ एक सख्त संदेश देती है। एसीबी इन मामलों की गहराई से जांच कर रही है, और सभी बरामद दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि इन अधिकारियों और सिपाहियों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की जा सके।
यह छापेमारी न सिर्फ सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकार और जांच एजेंसियां भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए तैयार हैं। इस प्रकार की कार्रवाइयों से अन्य सरकारी कर्मचारियों को भी यह संदेश मिल रहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा।
छत्तीसगढ़ एसीबी की इस कार्रवाई ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग को और तेज कर दिया है। आय से अधिक संपत्ति और रिश्वतखोरी के मामलों में फंसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करती है, बल्कि आम जनता में भी न्याय और पारदर्शिता की उम्मीदें जागृत करती है।


