बिलासपुर। जिले में अवैध धान भंडारण और व्यापार के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने आज तीन अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर 327 क्विंटल धान जब्त किया। जब्त किए गए धान की अनुमानित कीमत 10 लाख रुपए से अधिक है।
प्रशासन की इस कार्रवाई में राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग के अधिकारियों की टीम ने मिलकर अवैध भंडारण के मामलों की जांच की। यह पाया गया कि भोले-भाले किसानों को गुमराह कर उनके नाम पर यह धान खपाने की साजिश रची गई थी। परंतु प्रशासन की सक्रियता के चलते यह धान जब्त कर लिया गया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई।
पहला मामला: ग्राम कुसुमखेड़ा
तहसील बेलगहना के ग्राम कुसुमखेड़ा में राजस्व और मंडी विभाग की संयुक्त टीम ने सेवकराम धृतलहरे के घर छापा मारा। यहां 180 बोरी धान (लगभग 72 क्विंटल) अवैध रूप से भंडारित पाया गया। धान को मंडी अधिनियम के तहत जब्त कर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
दूसरा मामला: ग्राम कोनचरा
इसी तहसील के ग्राम कोनचरा में जांच के दौरान जीतू गुप्ता के घर 50 क्विंटल अवैध धान भंडारण की सूचना मिली। मौके पर पहुंची टीम ने इस धान को भी जब्त कर लिया और मंडी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
तीसरा मामला: श्रीराम राइस मिल
विकासखंड कोटा में अनुविभागीय राजस्व अधिकारी के नेतृत्व में श्रीराम राइस मिल में जांच की गई। यहां 513 कट्टी (205 क्विंटल) धान का मंडी शुल्क प्रस्तुत नहीं किया गया। इस कारण उक्त धान को जब्त कर मिल मालिक के खिलाफ कार्रवाई की गई।
जिला खाद्य अधिकारी अनुराग भदौरिया ने बताया कि अवैध धान भंडारण और व्यापार के खिलाफ यह मुहिम लगातार जारी रहेगी। भविष्य में भी इसी तरह के छापे मारकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की गतिविधियों से किसानों का शोषण रुक सकेगा और मंडी व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
प्रशासन की यह सख्ती न केवल अवैध व्यापारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि यह किसानों के हक और अधिकारों की रक्षा का भी प्रतीक है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन अवैध गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।


