बिलासपुर: साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के मुख्यालय में आज कोरबा और कुसमुंडा क्षेत्र के भू-विस्थापितों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने SECL मुख्यालय का घेराव करते हुए गेट जाम कर धरना दिया और प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। वे अपनी लंबित मांगों—मुआवजा, नौकरी और पुनर्वास को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोयला खनन परियोजनाओं के विस्तार के कारण उनकी जमीन ली गई थी, लेकिन अभी तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिला है। इसके अलावा, SECL द्वारा किए गए पुनर्वास और नौकरी देने के वादे भी अधूरे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्षों से वे अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि SECL प्रबंधन उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहा है। कई बार बातचीत और ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
धरने और प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। हालांकि, अब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा है। स्थानीय प्रशासन और SECL प्रबंधन के अधिकारियों के साथ प्रदर्शनकारियों की बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। अब यह देखना होगा कि SECL प्रबंधन किस तरह से इस समस्या का समाधान निकालता है और क्या भू-विस्थापितों को उनका हक मिल पाता है या नहीं।
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