बिलासपुर। सीएसपी सिविल लाइन निमितेष सिंह के द्वारा एक ब्रीफ रिपोर्ट जारी कर बताया गया कि थाना सिविल लाइन निवासी टुकेश दिवाकर द्वारा थाना सिरगिट्टी में पदस्थ आरक्षक विकास कुर्रे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का मामला सामने आया है। यह घटना 14 मार्च 2025 की है, जब शाम 5 बजे के करीब टुकेश दिवाकर ने थाने पहुंचकर आरक्षक पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी देने और थप्पड़ मारने का आरोप लगाया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरक्षक विकास कुर्रे ने पुरानी खुन्नस को लेकर उसे गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही, थप्पड़ मारकर उसके सीने में चोट पहुंचाई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने टुकेश दिवाकर का मुलाहिजा (चिकित्सकीय परीक्षण) कराया।
मुलाहिजा रिपोर्ट में क्या सामने आया?
डॉक्टर की रिपोर्ट में पाया गया कि-
✔ शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं दिखी।
✔ नशे की हालत में था।
✔ शार्प ऑब्जेक्ट से कोई चोट नहीं आई।
हालांकि, टुकेश ने सीने में दर्द होने की बात कही, जिसे रिपोर्ट में दर्ज किया गया।
घटना का दूसरा पक्ष
घटना से जुड़ी एक और जानकारी सामने आई। स्थानीय निवासी अनिश राहि ने आरक्षक विकास कुर्रे को फोन कर बताया कि टुकेश दिवाकर शराब के नशे में उसके भाई राकेश कुर्रे से मारपीट कर रहा है। जब विकास अपने घर तालापारा पहुंचा, तो उसने देखा कि टुकेश, राकेश को पीट रहा था। इस दौरान, विकास ने बीच-बचाव किया, जिससे धक्का-मुक्की हुई।
सच्चाई क्या है?
✔ टुकेश दिवाकर की शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए, लेकिन मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एक अलग कहानी बयां कर रहे हैं।
✔ आरक्षक विकास कुर्रे अपने भाई को बचाने गया था, न कि किसी पुरानी दुश्मनी के कारण मारपीट करने।
✔ मामला आपसी झगड़े और नशे की हालत में हुई घटना से जुड़ा लगता है।
क्या होगा आगे?
✔ पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
✔ अगर जांच में यह सामने आता है कि झूठी शिकायत की गई है, तो आवेदक पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
इस मामले में पुलिस को निष्पक्ष जांच कर यह तय करना होगा कि कौन दोषी है और कौन नहीं। फिलहाल, मेडिकल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से यह प्रतीत होता है कि यह झगड़ा नशे की हालत में हुआ विवाद था, न कि किसी पूर्व नियोजित रंजिश का हिस्सा।


