बिलासपुर। विश्व जल दिवस के अवसर पर नेहरू युवा केंद्र संगठन और इंसानियत का सफर फाउंडेशन द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम के तहत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना और युवाओं को इस गंभीर मुद्दे पर अपने विचार प्रस्तुत करने का मंच प्रदान करना था।
जिला जल संसाधन विभाग के प्रार्थना भवन में आयोजित इस प्रतियोगिता का विषय ‘जल संरक्षण’ था, जिसमें विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने जल संकट की बढ़ती समस्याओं और उसके संभावित समाधानों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में युवाओं ने पानी के अपव्यय, जलवायु परिवर्तन, जल प्रबंधन की नीतियों, और जल की उपयोगिता पर विशेष जोर दिया।
अतिथि एवं निर्णायक मंडल
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं आकाशवाणी बिलासपुर की उद्घोषिका रेहाना तबस्सुम, और साथ ही कार्यक्रम अधिकारी के रूप में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) पीएनएस कॉलेज बिलासपुर की सुश्री मोना केंवट और आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल के कार्यक्रम अधिकारी ओमल सिंह वर्मा भी उपस्थित थे। इन सभी ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले युवाओं के विचारों को ध्यान से सुना और उनकी सराहना की।
प्रतियोगिता के विजेता
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को उनके विचारों के लिए पुरस्कृत किया गया। विशाल आनंद ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि द्वितीय स्थान आयुष वर्मा को और तृतीय स्थान नमामी त्रिपाठी को प्राप्त हुआ। सांत्वना पुरस्कार अलीना मायशा और निखिल को प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का संयोजन और संचालन
इस कार्यक्रम का संयोजन इंसानियत का सफर फाउंडेशन की प्रमुख और राष्ट्रीय सेवा योजना की राष्ट्रपति अवॉर्डी स्वयंसेवक अलीशा फातिमा अंसारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन अंकिता मरावी और मुहम्मद बाकर ने कुशलतापूर्वक किया।
अतिथियों के विचार
मुख्य अतिथियों ने जल संरक्षण के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने पानी के सीमित स्रोतों पर ध्यान देते हुए उसके संरक्षण और संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। अतिथियों ने छात्रों से आग्रह किया कि वे जन-जागरूकता के माध्यम से अपने समुदाय में जल संरक्षण के प्रयासों को बढ़ावा दें। उन्होंने बताया कि जल संसाधन सीमित हैं और अगर इसे संरक्षित नहीं किया गया तो भविष्य में हमें गंभीर संकटों का सामना करना पड़ सकता है।
समाप्ति और पुरस्कार वितरण
कार्यक्रम के अंत में सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और जल संरक्षण के प्रति उनके उत्साह और जागरूकता के प्रयासों की सराहना की गई। इस कार्यक्रम के माध्यम से न सिर्फ प्रतिभागियों ने जल के महत्व को समझा, बल्कि समाज में जल संरक्षण की आवश्यकता को फैलाने का संकल्प भी लिया।