छत्तीसगढ़, बिलासपुर – जिला प्रशासन द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर सख्त कार्रवाई के तहत लगातार निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर के निर्देशानुसार खनिज विभाग द्वारा जिले में अवैध खनिज परिवहन और उत्खनन को रोकने के लिए निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 20 से 22 मार्च 2025 तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में खनिज अमला द्वारा अभियान चलाकर अवैध खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर कार्यवाही की गई।
इस अभियान के दौरान, खनिज विभाग की टीम ने मंगला, निरतु, घुटकू, गनियारी, सरकंडा, और सीपत जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रूप से जांच की। जांच के दौरान बिना वैध अभिवहन पास के रेत, मुरुम और मिट्टी का अवैध रूप से परिवहन कर रहे वाहनों को पकड़ा गया। कुल मिलाकर 12 मामलों में कार्रवाई करते हुए 10 ट्रैक्टर और 2 हाइवा को जप्त किया गया। इन वाहनों में खनिज रेत, मुरुम और मिट्टी का अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था।
जप्त किए गए वाहनों की सूची इस प्रकार है:
- मंगला पाटबाबा और धुरिपारा क्षेत्र से 5 ट्रैक्टर
- तुरकाडीह क्षेत्र से 1 ट्रैक्टर
- निरतु क्षेत्र से 1 ट्रैक्टर
- सरकंडा क्षेत्र से 1 ट्रैक्टर
- सीपत क्षेत्र से 2 ट्रैक्टर
- रहँगी क्षेत्र से 1 हाइवा (खनिज मुरुम का परिवहन करते हुए)
- घुटकू क्षेत्र से 1 हाइवा (खनिज मिट्टी का अवैध परिवहन करते हुए)
इन सभी वाहनों को स्थानीय थानों में सुरक्षार्थ जमा किया गया है, जिनमें थाना सकरी, कोनी, सरकंडा और सीपत शामिल हैं।
इस कार्रवाई में खनिज विभाग के साथ-साथ राजस्व और पुलिस विभाग का भी सहयोग रहा। इसके साथ ही वन विभाग द्वारा वन क्षेत्रों में हो रहे अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के मामलों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है और नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
अवैध खनिज परिवहन से न केवल पर्यावरण को नुकसान होता है, बल्कि यह सरकारी राजस्व की भी हानि करता है। इस प्रकार की सख्त कार्रवाइयों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि जिला प्रशासन अवैध गतिविधियों के प्रति गंभीर है और खनिज संसाधनों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
जिला बिलासपुर में अवैध खनिज परिवहन और उत्खनन पर प्रशासन की यह सख्त कार्रवाई निश्चित रूप से प्रभावी होगी और भविष्य में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद करेगी।