नई दिल्ली, 29 मार्च 2025: भारत की सबसे बड़ी एकीकृत विद्युत उत्पादन कंपनी एनटीपीसी (नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन) छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना के तीसरे चरण के विकास के साथ मध्य भारत में बिजली आपूर्ति को सशक्त बनाने की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। इस क्रम में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मार्च 2025 को बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में 800 मेगावाट की इस अत्याधुनिक पिट-हेड विद्युत परियोजना की आधारशिला रखेंगे।
यह परियोजना करीब 9,791 करोड़ रुपए के निवेश से विकसित की जा रही है और इसे मौजूदा सीपत सुपर थर्मल पावर स्टेशन परिसर में उपलब्ध भूमि पर स्थापित किया जाएगा। इस सीपत स्टेज-3 (800 मेगावाट) विद्युत संयंत्र की कमीशनिंग के बाद, सीपत सुपर थर्मल पावर स्टेशन की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 3,780 मेगावाट हो जाएगी। इस अतिरिक्त क्षमता के माध्यम से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्य भारत के अन्य लाभार्थी राज्य जैसे कि गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गोवा की बिजली मांग को पूरा किया जाएगा।
ऊर्जा उत्पादन की दक्षता और पर्यावरणीय अनुकूलता: इस नए चरण में अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जो इसे ऊर्जा उत्पादन में अधिक कुशल बनाएगा। यह तकनीक न केवल ईंधन की दक्षता में सुधार करती है बल्कि उत्सर्जन को भी कम करती है, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव कम हो जाता है। एनटीपीसी की यह परियोजना कंपनी की रणनीति का हिस्सा है, जिसमें आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा समाधानों को लागू कर भविष्य की बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
सतत विकास और सामुदायिक कल्याण की दिशा में कदम: तकनीकी उन्नयन के साथ, एनटीपीसी सीपत-3 न केवल बिजली उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करेगा, बल्कि सामुदायिक कल्याण और सतत विकास की पहल पर भी विशेष ध्यान देगा। एनटीपीसी इस परियोजना के माध्यम से पर्यावरण-सुरक्षा के सभी मानकों का पालन करेगा, जिसमें पारिस्थितिकीय पदचिह्न को न्यूनतम रखने के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
इसके साथ ही, परियोजना स्थल पर वनीकरण कार्यक्रम, जल संरक्षण और स्थानीय समुदाय के सहयोग जैसी पहलों को भी महत्व दिया जाएगा। इन प्रयासों के माध्यम से एनटीपीसी यह सुनिश्चित करेगा कि सीपत-3 संयंत्र न केवल एक पावर हब के रूप में कार्य करे, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
ऊर्जा और विकास की नई दिशा: प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस परियोजना की आधारशिला रखने से न केवल भारत के ऊर्जा क्षेत्र में नई दिशा मिलेगी, बल्कि यह कदम मध्य भारत के राज्यों की विद्युत आपूर्ति को भी स्थिर और सशक्त बनाएगा। एनटीपीसी सीपत-3 परियोजना के साथ, भारत न केवल बिजली उत्पादन के क्षेत्र में और आगे बढ़ेगा, बल्कि यह देश के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।