बिलासपुर। विराईस फाइनेंस कंपनी की चैनल पार्टनर फरहत बानो ने बिलासपुर प्रेस क्लब में शनिवार को पत्रकारों से मुखातिब होते हुए अपने ऊपर लगे गंभीर आरोपों पर सफाई दी और प्रशासन से न्याय की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व कर्मचारी शिवा गुप्ता ने उनके खिलाफ एक साजिश के तहत झूठे आरोप लगाए हैं और उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की है।
फरहत बानो ने बताया कि शिवा गुप्ता नामक युवक उनके फाइनेंस संस्थान में नौकरी पर रखा गया था, लेकिन कुछ समय बाद ही उसके खिलाफ शिकायतें आने लगीं। विशेष रूप से महिला कर्मचारियों के प्रति उसके अनुचित व्यवहार की शिकायतें बढ़ने पर, उसे कार्यालय से हटाने का निर्णय लिया गया। फरहत के अनुसार, चूंकि वे स्वयं अक्सर फील्ड वर्क में व्यस्त रहती थीं, इसलिए उन्हें कर्मचारियों से शिवा गुप्ता के बारे में लगातार फीडबैक मिलते रहे।
शिवा गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए फरहत बानो ने कहा कि उसने उनकी कंपनी की एक महत्वपूर्ण विजिटिंग फाइल चुरा ली और अब इसका दुरुपयोग कर उनकी छवि को खराब करने की कोशिश कर रहा है। फरहत ने दावा किया कि उनके पास इस बात के पूरे सबूत हैं कि शिवा गुप्ता उनके खिलाफ झूठी बातें फैलाने में लगा हुआ है और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहा है।
फरहत बानो का कहना है कि पिछले 28 वर्षों से वे इस क्षेत्र में काम कर रही हैं और उनके खिलाफ आज तक कोई शिकायत या आरोप नहीं लगा है। हालांकि, अब उनके खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसे वे पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण और झूठा करार देती हैं। उनका कहना है कि यदि कोई शिकायत थी, तो उन्हें पूर्व में सूचित किया जाना चाहिए था ताकि वे अपनी सफाई दे सकें।
उन्होंने कोतवाली थाना प्रभारी विवेक पांडेय पर आरोप लगाया कि बिना किसी सूचना के उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया, जिससे उन्हें आघात पहुंचा। फरहत बानो ने प्रशासन से अपील की है कि उनके बैंक और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच की जाए, जिससे सच्चाई सबके सामने आ सके। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि मेरे खिलाफ लगाए गए सभी झूठे आरोपों का पर्दाफाश हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।”
फरहत बानो ने प्रशासन और मीडिया से अपील की है कि वे इस मामले की निष्पक्ष जांच करें, ताकि सच्चाई उजागर हो और उन्हें न्याय मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की झूठी आरोपों के कारण किसी निर्दोष को फंसाना बेहद गलत है और इस प्रवृत्ति पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए।