Thursday, April 3, 2025
Homeक्राइमपूर्व सीएम भूपेश बघेल पर सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर, देखिए कौन-कौन...

पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर, देखिए कौन-कौन सी धाराओं में दर्ज हुआ केस?…

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर ऑनलाइन बेटिंग ऐप घोटाले के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एफआईआर दर्ज कर ली है। सीबीआई ने अपनी प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि बघेल इस घोटाले के कथित लाभार्थियों में से एक हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट में भी यह आरोप लगाया गया था, जिसे सीबीआई ने अपनी प्राथमिकी में शामिल किया है।

सीबीआई ने छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज एफआईआर को अपने केस के रूप में पुनः पंजीकृत किया है। यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत दर्ज किया गया है। साथ ही, छत्तीसगढ़ जुआ निषेध अधिनियम की धाराएं भी इसमें शामिल की गई हैं।

एफआईआर में कुल 19 आरोपियों के नाम दर्ज हैं, जिनमें भूपेश बघेल को आरोपी नंबर 6 के रूप में शामिल किया गया है।

भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया

इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई बताया और कहा कि यह उनके खिलाफ एक साजिश का हिस्सा है।

मार्च में हुई थी छापेमारी

सीबीआई ने इस वर्ष 26 मार्च को भूपेश बघेल के रायपुर और दुर्ग स्थित आवासों पर छापा मारा था। इस दौरान कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के आवास पर भी तलाशी ली गई थी। सीबीआई ने यह कार्रवाई 18 दिसंबर 2023 को दर्ज एफआईआर के आधार पर की थी, और अब इस मामले में आधिकारिक एफआईआर सार्वजनिक की गई है।

सीबीआई जांच की प्रक्रिया

यह मामला छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सीबीआई जांच की अनुशंसा के तहत केंद्रीय एजेंसी को सौंपा गया था। सीबीआई राज्य पुलिस की एफआईआर को अपने केस के रूप में फिर से पंजीकृत कर जांच करती है और निष्कर्षों को अंतिम रिपोर्ट के रूप में विशेष अदालत में पेश करती है।

ईडी की रिपोर्ट में क्या था?

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट में भूपेश बघेल पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, ऑनलाइन सट्टा ऐप के प्रमोटरों ने बघेल को इस घोटाले के लाभार्थी के रूप में नामित किया था। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि चंद्रभूषण वर्मा ने खुलासा किया था कि बघेल के ओएसडी और एक राजनीतिक सलाहकार को ऑनलाइन सट्टा ऐप के जरिए नियमित रूप से धनराशि का भुगतान किया जाता था।

क्या आगे हो सकता है?

इस मामले में सीबीआई की जांच जारी है और आगे पूछताछ या अन्य कानूनी कार्रवाइयों की संभावना बनी हुई है। यदि सीबीआई के निष्कर्ष पुख्ता पाए जाते हैं, तो बघेल और अन्य आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बड़े विवाद का कारण बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

spot_img
spot_img
spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts

error: Content is protected !!