Sunday, August 31, 2025
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छत्तीसगढ़ में छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत: 25 हजार तक की पुरानी वैट देनदारी होगी खत्म, जीएसटी कानून में बड़े संशोधन को मिली मंजूरी…

रायपुर, 12 जुलाई 2025 — छत्तीसगढ़ सरकार ने छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 10 साल से अधिक समय से लंबित 25 हजार रुपये तक की वैट (मूल्य संवर्धित कर) देनदारियों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इस कदम से राज्य के लगभग 40 हजार से अधिक छोटे व्यापारियों को लाभ मिलेगा और 62 हजार से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में भी कमी आएगी।

सरकार का यह फैसला राज्य में व्यापार को सरल और सुगम बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। इससे जहां व्यापारियों को मानसिक और आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं राज्य के न्यायिक एवं कर व्यवस्था पर भी मुकदमों का बोझ कम होगा।

विधेयक को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक तथा छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान संशोधन विधेयक 2025 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। दोनों विधेयकों को आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।

जीएसटी अधिनियम में अहम संशोधन

बैठक में जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप राज्य के जीएसटी कानून में भी महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी गई है। इनमें निम्नलिखित प्रमुख बिंदु शामिल हैं:

  • इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर्स (ISD) द्वारा आईजीएसटी में लिए गए आरसीएम का वितरण अब उनके ब्रांच ऑफिस में भी किया जा सकेगा, जिससे जीएसटी व्यवस्था में पारदर्शिता और एकरूपता आएगी।
  • ऐसे पेनाल्टी प्रकरणों में, जिनमें टैक्स की मांग सम्मिलित नहीं होती है, अपील प्रस्तुत करने हेतु अनिवार्य पूर्व जमा राशि को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • वाउचर पर कर देयता को लेकर विभिन्न एडवांस रूलिंग अथॉरिटी में मतभिन्नता को खत्म करने के लिए ‘टाइम ऑफ सप्लाई’ के प्रावधान को हटाया गया है।

डिमेरिट गुड्स पर ट्रेस एंड ट्रैक प्रणाली

कैबिनेट ने डिमेरिट गुड्स — विशेष रूप से तंबाकू उत्पादों — के लिए “ट्रेस एंड ट्रैक मैकेनिज्म” लागू करने का निर्णय लिया है। इससे इन उत्पादों की संपूर्ण सप्लाई चेन — निर्माण से लेकर अंतिम उपभोक्ता तक — की प्रभावी निगरानी संभव होगी। यह कर अपवंचन रोकने और कर संग्रह बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

विशेष आर्थिक क्षेत्रों को भी प्रोत्साहन

राज्य सरकार ने विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) को और अधिक प्रोत्साहन देने के लिए वेयरहाउस में बिना मूवमेंट के होने वाले क्रय-विक्रय को जीएसटी से बाहर रखने का निर्णय लिया है। यह निर्णय SEZ निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करेगा और व्यापार विस्तार में सहायक होगा।

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