Thursday, March 19, 2026
HomeराजनीतिPWD भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला गरमाया, NSUI ने राज्यपाल...

PWD भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल का मामला गरमाया, NSUI ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, CBI जांच और परीक्षा निरस्त करने की मांग…

रायपुर, 14 जुलाई 2025।
छत्तीसगढ़ में आयोजित PWD भर्ती परीक्षा को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने परीक्षा में कथित हाईटेक नकल और धांधली के खिलाफ राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की CBI जांच और परीक्षा को पूर्णतः रद्द करने की मांग की है। ज्ञापन में परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 13 जुलाई 2025 को छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) द्वारा आयोजित PWD भर्ती परीक्षा के दौरान बिलासपुर के एक परीक्षा केंद्र में एक युवती को हाईटेक गैजेट्स जैसे माइक्रो कैमरा, ब्लूटूथ, बॉडी सेंसर, डिवाइस आदि के साथ पकड़ा गया। आरोप है कि ये गैजेट्स उसे परीक्षा में प्रश्न हल कराने में मदद के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।

NSUI ने आरोप लगाया कि यह कोई सामान्य नकल का मामला नहीं है, बल्कि एक व्यवस्थित और राज्यस्तरीय स्तर पर संचालित नकल रैकेट का हिस्सा है, जो पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। संगठन ने कहा कि नकल की जानकारी होने के बावजूद केंद्र की ड्यूटी में लगी पुलिस ने तत्काल कोई FIR दर्ज नहीं की और बाद में NSUI के दबाव पर मामला दर्ज किया गया।

NSUI की प्रमुख मांगें:

  1. CBI जांच कराई जाए:
    संगठन ने कहा कि चूंकि यह मामला राज्य के अनेक जिलों, परीक्षा केंद्रों और निजी ऑपरेटरों से जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच केवल CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी ही कर सकती है।
  2. पूरी परीक्षा को रद्द किया जाए:
    परीक्षा में 40 से अधिक केंद्रों में परीक्षाएं संचालित हुईं और नकल की आशंका केवल एक केंद्र तक सीमित नहीं मानी जा सकती। ऐसे में पूरी PWD भर्ती परीक्षा को पूर्णतः निरस्त करना आवश्यक है।

NSUI का अल्टीमेटम:

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि इस मामले में जल्द ही उचित कार्यवाही नहीं की गई, तो संगठन राज्यभर में व्यापक आंदोलन छेड़ेगा। ज्ञापन में NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा, बिलासपुर जिला अध्यक्ष विशाल सिंह ठाकुर, और अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।

यह मामला न केवल परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता पर सवाल उठाता है, बल्कि छत्तीसगढ़ में युवा वर्ग के भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। अब देखना यह होगा कि राज्य शासन और राजभवन इस मामले पर क्या रुख अपनाते हैं।

spot_img

advertisement

spot_img
RELATED ARTICLES

Recent posts

error: Content is protected !!
Latest
Verified by MonsterInsights